भिवानी | हरियाणा के भिवानी जिले के गांव ढाणी रहीमपुर निवासी कर्नल शमशेर सिंह बिजारणिया का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह बेटे के कॉलेज एडमिशन के सिलसिले में गुजरात के अहमदाबाद गए थे। वहीं माइका कॉलेज में प्रक्रिया पूरी करने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सोमवार को उनके पैतृक गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
कर्नल शमशेर सिंह की तैनाती महाराष्ट्र के कोलाबा (मुंबई) में थी और वह अपने परिवार सहित वर्षों से दिल्ली में रह रहे थे। उनके परिवार में पत्नी और एक बेटा शुभम हैं। वे अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे।
परिजनों के अनुसार, शनिवार 28 जून को वह बेटे शुभम का एडमिशन अहमदाबाद स्थित मुद्रा इंस्टिट्यूट ऑफ कम्युनिकेशन में करवाने पहुंचे थे। एडमिशन के बाद जब वे कॉलेज से निकले, तभी अचानक उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ और वह गिर पड़े। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
रविवार को सेना की ओर से कर्नल के पार्थिव शरीर को अहमदाबाद से दिल्ली लाया गया, जहां सेना मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उनका शव तिरंगे में लपेटकर उनके गांव रवाना किया गया।
सोमवार सुबह गांव पहुंचने पर परिजनों और ग्रामीणों ने अंतिम दर्शन किए। अंतिम यात्रा में भारी संख्या में लोग शामिल हुए। श्मशान घाट पर सेना की टुकड़ी ने उन्हें सलामी दी, जिसके बाद उनके बेटे शुभम ने मुखाग्नि दी।
कर्नल के चचेरे भाई रणवीर सिंह ने बताया कि कर्नल शमशेर सिंह 1990 में सेना में भर्ती हुए थे और लगभग 35 वर्षों तक सेवा देने के बाद वे 22 जुलाई 2025 को सेवानिवृत्त होने वाले थे।







