यमुनानगर | फर्कपुर थाना एक बार फिर विवादों में आ गया है। यहां एक नाबालिग लड़की और उसके पिता के साथ थाने में ही कथित रूप से मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि वे छेड़छाड़ और मारपीट की शिकायत लेकर थाना पहुंचे थे, लेकिन वहां उल्टा उन्हें ही दोषी ठहराया गया और बुरी तरह पीटा गया।
सूत्रों के अनुसार, पीड़ितों ने थाने से बाहर निकलने के बाद सीधे पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र भौरिया से मुलाकात की और पूरी घटना की जानकारी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए SP ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ASI सोना देवी, ASI अशोक कुमार और हेड कांस्टेबल ममता रानी को सस्पेंड कर दिया।
बंद कमरे में हुई पिटाई
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को एक व्यक्ति अपनी 17 वर्षीय बेटी के साथ फर्कपुर थाने पहुंचा था। उसका आरोप था कि पड़ोस में रहने वाले युवक कैलाश ने उसकी बेटी से छेड़छाड़ की और विरोध करने पर मारपीट की। मगर थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों ने न केवल शिकायत को नजरअंदाज किया, बल्कि शिकायतकर्ता पिता-बेटी को ही कसूरवार बताकर बंद कमरे में पिटाई कर दी।
आरोपी को दी जा रही थी ‘खातिरदारी’
पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे मार झेल रहे थे, उसी वक्त छेड़छाड़ का आरोपी कैलाश थाने में आराम से बैठा था और उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी। उल्टा उन पर समझौते का दबाव बनाया गया।
SP ने दिए सख्त आदेश
घटना की सूचना मिलते ही एसपी सुरेंद्र भौरिया ने मामले को गंभीरता से लिया और दोषी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। साथ ही आरोपी कैलाश के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।







