सिरसा, 28 अगस्त- हरियाणा कांग्रेस नेता राजकुमार शर्मा ने भारतीय जनता पार्टी के नेता और हरियाणा के पूर्व गृह राज्यमंत्री गोपाल कांडा के छोटे भाई गोबिंद पर पैसा बांटने का आरोप लगाया है। शर्मा ने इस मामले में एक वीडियो और कुछ फोटोग्राफ भी जारी किए हैं। राजकुमार शर्मा का आरोप है कि चुनाव आचार संहिता लगने के बाद विधायक गोपाल कांडा के भाई गोविंद कांडा काफिले के साथ गाड़ियों में करोड़ो रुपए लेकर गांव – गांव जाते हैं और लोगों में पैसा बांटने का काम करते हैं.वही राजकुमार शर्मा ने कहा कि इस बारे में उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी को शिकायत भी भेजी है लेकिन इस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
राजकुमार शर्मा ने कहा कि उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मिलने का समय मांगा है और वह सबूतों के साथ गोविंद कांडा के खिलाफ शिकायत कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे और यदि उसके बाद भी निर्वाचन आयोग की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं हुई तो कानूनी सलाह लेकर कोर्ट का रुख करेंगे । कांग्रेस नेता राजकुमार शर्मा ने भाजपा नेता गोविंद कांडा पर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आचार संहिता लगने के बाद गोविंद कांडा पूरे काफिले के साथ गांव गांव में घूम रहे हैं और लोगों में पैसा बांटने का काम कर रहे हैं जो की चुनाव आयोग की हिदायतों व कानून के बिलकुल खिलाफ है। राजकुमार शर्मा ने मीडिया के सामने वीडियो फुटेज और फोटोग्राफ दिखाते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आचार संहिता लगने के बाद गोविंद कांडा द्वारा चुनाव आचार संहिता की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
चुनाव आयोग से 6 साल तक गोबिंद कांडा को अयोग्य घोषित करने की मांग
राजकुमार शर्मा ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले गोविंद कांडा ने गांव नेहरा में सबके सामने 9 लाख रुपए सरपंच को देने का काम कर रहा है,जोकि चुनाव आचार संहिता का खुलेआम उल्लंघन है.वही राजकुमार ने आरोप लगाते हुए कहा कि गोविंद कांडा पूरे काफिले के साथ पुलिस की मौजूदगी में गाड़ियों में करोड़ों रुपए भर कर गावो में बांटने का काम कर रहा है लेकिन लोकल प्रशासन इस और आंखें मूंदे बैठा है। वही राजकुमार शर्मा ने कहा कि उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने का समय मांगा है और वह सबूत के साथ चुनाव आयोग से मिलकर गोविंद कांडा की शिकायत करेंगे और उन्हें 6 सालों तक चुनाव नहीं लड़ने के लिए अयोग्य घोषित करने की मांग करेंगे वही राजकुमार ने कहा कि यदि चुनाव आयोग ने उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं करी तो वे कानूनी सलाह लेने के बाद इस मामले को लेकर कोर्ट का रुख करेंगे।







