चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार प्रदेश में कृषि क्षेत्र को तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब फसलों की बीमारियों की पहचान ड्रोन के माध्यम से की जाएगी। इस योजना को पहले चरण में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा, जिसमें आलू, चना, कपास, धान और प्रमुख सब्जियों को शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को चंडीगढ़ में ड्रोन इमेजिंग एंड इन्फॉर्मेशन सर्विसेज ऑफ हरियाणा लिमिटेड (DRIISHYA) की 9वीं बोर्ड बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को यह निर्देश दिए। बैठक में सीएम के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने ड्रोन तकनीक के उपयोग को प्राकृतिक खेती के प्रचार-प्रसार, विशेष रूप से जीवामृत के छिड़काव में इस्तेमाल करने की दिशा में भी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “ड्रोन दीदी” योजना के तहत महिलाओं को प्रशिक्षित करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि वे भी इस तकनीक से जुड़ सकें।
सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस परियोजना में किसानों को सीधे जोड़ा जाए और उन्हें ड्रोन संचालन व निगरानी के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाए, जिससे वे नई तकनीक को अपनाकर अपनी खेती को अधिक उन्नत बना सकें।







