रेवाड़ी | हरियाणा ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को पूरी तरह से लागू करने वाला देश का पहला राज्य बनने का दावा किया है। यह जानकारी प्रदेश के शिक्षा मंत्री महिपाल सिंह ढांडा ने दी, जो कोसली विधानसभा क्षेत्र के गांव नठेड़ा में आयोजित एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे थे।
शिक्षा व्यवस्था में बड़ा सुधार
मंत्री ढांडा ने कहा कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। उन्होंने बताया कि इस साल सरकारी स्कूलों का परीक्षा परिणाम पहले की तुलना में बेहतर रहा है, जो सरकार की शिक्षा नीतियों की सफलता को दर्शाता है। विज्ञान विषय में हरियाणा के छात्रों का प्रदर्शन सबसे उत्कृष्ट रहा, जबकि आर्ट्स और कॉमर्स में मामूली अंतर को इस वर्ष भरने की योजना है।
शिक्षकों को बताया ‘हनुमान’, हुआ राजनीतिक विमर्श
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की तुलना भगवान हनुमान से करते हुए कहा, “हमारे शिक्षक हनुमान की तरह हैं, जो श्रीराम का कार्य कर रहे हैं।” इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं शुरू हो गई हैं, क्योंकि इसे मंत्री द्वारा स्वयं को श्रीराम के रूप में प्रस्तुत करने की ओर इशारा माना जा रहा है।
बढ़ रहा सरकारी स्कूलों में भरोसा
शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में सरकारी स्कूलों को लेकर लोगों का भरोसा फिर से मजबूत हो रहा है। इस बार करीब 70,000 नए छात्रों ने सरकारी स्कूलों में नामांकन कराया है। कॉलेजों में भी छात्रों की रुचि में इजाफा हुआ है और दाखिले के लिए रिकॉर्ड संख्या में आवेदन आए हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की सुविधा के लिए प्रवेश की ऑनलाइन प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी रखी गई है।
हालांकि, मंत्री ने अभिभावकों को यह निर्णय स्वयं लेने की बात कही कि वे अपने बच्चों को सरकारी या निजी स्कूल में दाखिला दिलाना चाहते हैं।







