चंडीगढ़ | हरियाणा के ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने ब्राजील के ब्रासीलिया में ब्रिक्स देशों की ऊर्जा मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए वैश्विक ऊर्जा उत्पादन में सहयोग बढ़ाने और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश तेज करने पर जोर दिया। बैठक में उन्होंने स्मार्ट ग्रिड, प्रीपेड मीटरिंग, ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर और विस्तारित ट्रांसमिशन नेटवर्क में निवेश बढ़ाने की जरूरत को रेखांकित किया।
मंत्री मनोहर लाल ने 2026 में भारत की अध्यक्षता में होने वाली ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक के एजेंडे और प्राथमिकताओं को साझा किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 विजन का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि भारत सौर व पवन ऊर्जा उत्पादन में विश्व की तीसरी सबसे बड़ी शक्ति बन चुका है और अब परमाणु ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना देश का अगला लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि भारत की विद्युत क्षमता पिछले दशक में 90 प्रतिशत बढ़ी है, और 2025 तक इसे 475 गीगावाट तथा 2032 तक 900 गीगावाट तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
मनोहर लाल ने हरित हाइड्रोजन और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को भी साझा किया, जिसमें 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु क्षमता हासिल करना शामिल है। उन्होंने घरेलू कार्बन क्रेडिट बाजार के शुभारंभ का भी उल्लेख किया और वैश्विक सहयोग की अपील की।
ब्रिक्स देशों के बीच जैव ईंधन क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने, ऊर्जा दक्षता में सुधार और ऊर्जा व्यापार में स्थानीय मुद्राओं के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और टिकाऊ विकास के लिए ब्रिक्स देशों के बीच साझेदारी को मजबूत करने की बात कही।
उन्होंने जीवाश्म ईंधन के स्वच्छ उपयोग के लिए कोयला गैसीकरण, कार्बन कैप्चर एवं भंडारण जैसी तकनीकों के माध्यम से सहयोग बढ़ाने का भी आह्वान किया। मनोहर लाल ने भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और वैश्विक ऊर्जा नेतृत्व की प्रतिबद्धता दोहराई।







