फरीदाबाद | एनआईटी-3 स्थित चिमनी बाई चौक के पास एक निजी अस्पताल पर महिला मरीज के गलत उपचार और अवैध तरीके से गर्भपात करने का गंभीर आरोप सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग की जांच में लापरवाही की पुष्टि के बाद अस्पताल के एमटीपी (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) लाइसेंस को निलंबित कर दिया गया है और पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि एसजीएम नगर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी और जांच
स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली थी कि अस्पताल में अवैध रूप से गर्भपात कराए जा रहे हैं और एमटीपी किट भी बिना अनुमति रखी जा रही है। इस पर सीएमओ डॉ. जयंत आहूजा के निर्देशानुसार एमटीपी के नोडल अधिकारी डॉ. ए.के. यादव की अगुवाई में टीम गठित कर अस्पताल का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल के रिकॉर्ड और केस फाइलों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। एक महिला मरीज के इलाज में लापरवाही सामने आई, जो लगभग 9 सप्ताह की गर्भवती थी।
मामले का विवरण
29 अप्रैल को मरीज को गुप्तांग से रक्तस्राव की शिकायत पर संतोष अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट सामान्य बताई गई। डॉक्टर ने केवल मौखिक रूप से दवा दे दी। अगले दिन 30 अप्रैल को अधिक रक्तस्राव होने से महिला की स्थिति बिगड़ गई और उसे चिमनी बाई चौक स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जब स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 1 मई को निरीक्षण किया, तो मरीज अस्पताल में नहीं मिली। जानकारी दी गई कि उसे छुट्टी दे दी गई थी।
कार्रवाई और अगला कदम
निरीक्षण के दौरान मिली खामियों को लेकर अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। 9 मई को अस्पताल की ओर से स्पष्टीकरण दिया गया, लेकिन विभागीय समिति ने उसे असंतोषजनक पाया।
इसके बाद डॉ. ए.के. यादव की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कराई गई और अस्पताल का एमटीपी लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया। मामले की विस्तृत जांच स्वास्थ्य विभाग और पुलिस द्वारा जारी है।






