Kurukshetra, 15 May-देश की अदालतों में वर्षों से लंबित पड़े लाखों मुकदमों के समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT), कुरुक्षेत्र की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सारिका जैन ने एक अभिनव सॉफ्टवेयर ‘कानून सारथी’ विकसित किया है, जो मुकदमों के तेज़ निपटारे में कारगर साबित हो सकता है।
डॉ. सारिका ने बताया कि यह सॉफ्टवेयर लॉ रिपोर्टर की तरह कार्य करता है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के पुराने जजमेंट्स का डेटाबेस मौजूद रहेगा। जैसे ही कोई यूज़र किसी कानूनी प्रश्न या केस से संबंधित जानकारी मांगेगा, यह सॉफ्टवेयर उस आधार पर जवाब देगा। यह अनस्ट्रक्चर्ड डेटा की बजाय संरचित फॉर्मेट में उत्तर देगा, जिससे जानकारी अधिक स्पष्ट और शीघ्रता से उपलब्ध होगी।इसका उद्देश्य है कि वर्षों से अटके मुकदमों को जल्दी से निपटाया जा सके। सॉफ्टवेयर पुराने समान मामलों की स्टडी उपलब्ध कराएगा जिससे किसी नए केस की सुनवाई में जजों और वकीलों को सहायता मिलेगी और न्याय प्रक्रिया में तेजी आएगी।
डॉ. सारिका ने बताया कि उनकी टीम पिछले तीन वर्षों से इस प्रोजेक्ट पर कार्य कर रही थी और अब यह सॉफ्टवेयर TRL-4 स्तर तक पहुंच चुका है। सरकार से सहयोग मिलने पर इसे TRL-9 तक ले जाया जा सकता है। इसके साथ ही, इसे बहुभाषी बनाने की योजना भी है ताकि यह अंग्रेजी के साथ-साथ देश की अन्य भाषाओं में भी उपयोगी बन सके।







