चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने राज्य के 10 प्रमुख जिलों में अब 24 घंटे बिजली की सप्लाई देने का निर्णय लिया है। इसके तहत, पंचकूला, अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, सिरसा, फतेहाबाद और रेवाड़ी जिलों में अब बिजली कटौती की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। इन जिलों में अब निर्बाध रूप से बिजली आपूर्ति की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की उपलब्धता में सुधार होगा।
प्रदेश के 5,877 गांवों में पहले ही 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है। सरकार अब बाकी जिलों के गांवों में भी 24 घंटे बिजली आपूर्ति की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों को भी इसका लाभ मिल सके।
म्हारा गांव-जगमग गांव योजना का प्रभाव
यह कदम हरियाणा सरकार की म्हारा गांव-जगमग गांव योजना के तहत उठाया गया है, जिसे 1 जुलाई 2015 को शुरू किया गया था। इस योजना की शुरुआत केंद्रीय ऊर्जा एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल द्वारा की गई थी, और इसका उद्घाटन कुरुक्षेत्र के दयालपुर गांव से हुआ था। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति को बेहतर, नियमित और विश्वसनीय बनाना है, जिससे बिजली चोरी, तकनीकी नुकसान और राजस्व घाटे को कम किया जा सके।
बिजली आपूर्ति के नए प्रावधान
हरियाणा के जिन गांवों में कुल आपूर्ति का 90% या उससे ज्यादा भुगतान नियमित रूप से किया जाता है, वहां अब 21 घंटे बिजली देने का प्रावधान किया गया है। वहीं, जिन फीडरों पर बकाया राशि 10 फीसदी से कम होती है, वहां भी 24 घंटे बिजली दी जाएगी।
इसके अलावा, जहां जगमग गांव योजना का काम पूरा हो चुका है और वहां लाइन लॉस कम हुआ है तथा राजस्व संग्रहण बढ़ा है, वहां अब 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सुधार
इस पहल से न केवल बिजली की आपूर्ति बेहतर होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में व्यावासिक और घरेलू सुविधाओं में भी सुधार आएगा। इसके साथ ही, राजस्व घाटा और बिजली चोरी में भी कमी आएगी, जो राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद साबित होगा।







