भिवानी | भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और आंतरिक सुरक्षा के मद्देनजर भिवानी जिला प्रशासन ने चौकसी कड़ी कर दी है। डिप्टी कमिश्नर महावीर कौशिक ने जिले की सभी ग्राम पंचायतों को आदेश जारी कर 24 घंटे संवेदनशील स्थानों की निगरानी के निर्देश दिए हैं। इन स्थानों में बिजली घर, दूरसंचार टावर, जलघर, नहरें, रेलवे ट्रैक और बस स्टैंड जैसे अहम ढांचे शामिल हैं।
सार्वजनिक सुविधाओं की सुरक्षा प्राथमिकता
डीसी कौशिक ने स्पष्ट किया कि पहलगाम हमले के बाद बुनियादी ढांचों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी को आदेश दिया गया है कि ग्रामीण इलाकों में आने वाले सभी सार्वजनिक स्थलों की सतत निगरानी करवाई जाए, जिससे किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके और आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति बाधित न हो।
ड्रोन और आतिशबाजी पर सख्त रोक
आदेशों के तहत, विवाह समारोहों, धार्मिक आयोजनों और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में ड्रोन, ग्लाइडर, हॉट एयर बैलून, पतंगबाज़ी और पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। डीसी ने कहा कि मौजूदा हालात में तेज आवाज और उड़ने वाले उपकरणों से जनता में भय का माहौल बन सकता है, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। यह प्रतिबंध 8 जुलाई 2025 तक प्रभावी रहेगा।
खाद्य वस्तुओं की जमाखोरी पर भी लगाम
महावीर कौशिक ने आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत जिले में खाद्य वस्तुओं और ईंधन की जमाखोरी और भंडारण पर भी रोक लगाने के आदेश दिए हैं। जिन वस्तुओं पर यह आदेश लागू होगा, उनमें चावल, गेहूं, दालें, चीनी, दूध उत्पाद, सब्जियां, दवाएं, पेट्रोल और डीजल शामिल हैं।
आदेशों का उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
डीसी ने चेतावनी दी है कि इन आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सभी आदेश अगले निर्देश तक प्रभावी रहेंगे और इनका उद्देश्य आमजन की सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखना है।







