चंडीगढ़ | भाखड़ा नहर के पानी को लेकर हरियाणा और पंजाब के बीच चल रहा विवाद अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की चौखट पर पहुंच गया है। हाल ही में इस मामले में हुई सुनवाई के दौरान भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) ने कोर्ट को सूचित किया कि पंजाब पुलिस ने डैम और उसकी नियंत्रण इकाइयों पर कब्जा कर लिया है।
हाईकोर्ट ने इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार, पंजाब सरकार, हरियाणा सरकार और BBMB को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
वर्तमान में इस जल विवाद से संबंधित कुल तीन याचिकाएं हाईकोर्ट में लंबित हैं। पहली याचिका एडवोकेट रविंद्र ढुल द्वारा, दूसरी फतेहाबाद की एक ग्राम पंचायत द्वारा और तीसरी खुद BBMB द्वारा दायर की गई है। BBMB ने कोर्ट को बताया कि पंजाब पुलिस ने डैम की सभी कंट्रोल यूनिट अपने नियंत्रण में ले ली हैं।
सुनवाई के दौरान हरियाणा के एडवोकेट जनरल ने कहा कि प्रदेश के 200 से अधिक जल घर पूरी तरह सूख चुके हैं, क्योंकि पंजाब ने हरियाणा को पानी देना बंद कर दिया है। इसके जवाब में पंजाब सरकार का कहना है कि हरियाणा को उसके हिस्से का पानी दिया जा चुका है, लेकिन अतिरिक्त पानी नहीं दिया जा सकता।
इस बीच, सोमवार को पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र भी बुलाया गया, जिसमें जल वितरण विवाद को लेकर छह प्रस्ताव पारित किए गए। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस दौरान कहा कि वर्तमान में हरियाणा को जो पानी दिया जा रहा है, भविष्य में वह भी नहीं दिया जाएगा। वहीं, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पंजाब विधानसभा के प्रस्ताव को असंवैधानिक और भारत के संघीय ढांचे के खिलाफ बताते हुए उसकी निंदा की।
हरियाणा सरकार ने केंद्र से अपील की है कि वह हस्तक्षेप कर सुनिश्चित करे कि राज्य को पीने का पानी निर्बाध रूप से प्राप्त हो।







