नई दिल्ली | हरियाणा के युवा पहलवान दीपांशु को जन्म प्रमाण पत्र में गड़बड़ी के आरोप में भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। महासंघ के अनुसार, दीपांशु के दो अलग-अलग राज्यों से जारी जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनमें उनकी जन्मतिथि में तीन साल का अंतर है।
जन्म तिथि में बड़ा अंतर:
भारतीय कुश्ती महासंघ द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, हरियाणा के रोहतक से जारी जन्म प्रमाण पत्र में दीपांशु की जन्मतिथि 16 अक्टूबर 2006 दर्ज है, जबकि दिल्ली से जारी दस्तावेज में यह तिथि 16 अक्टूबर 2009 है। इससे यह संदेह उत्पन्न हुआ कि खिलाड़ी ने अपनी उम्र कम दर्शाकर आयु-समूह प्रतियोगिताओं में अनुचित लाभ उठाने की कोशिश की।
WFI ने शुरू की जांच:
महासंघ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों जन्म प्रमाण पत्रों को सत्यापन के लिए संबंधित राज्य प्राधिकरणों को भेज दिया है। जब तक जांच पूरी नहीं होती, दीपांशु को सभी आधिकारिक कुश्ती गतिविधियों से अस्थायी रूप से निलंबित रखा जाएगा। सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
योग्य खिलाड़ियों के साथ अन्याय नहीं सहन:
कुश्ती संघ के सहायक सचिव विनोद तोमर ने कहा कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए असली प्रतिभाओं के साथ अन्याय हो रहा है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रमाणिक जन्म प्रमाण पत्र पहले ही अनिवार्य कर दिया गया है।
कुश्ती संघ की अपील:
WFI ने सभी पहलवानों से अपील की है कि वे केवल अपने मूल और वैध दस्तावेज ही जमा करें ताकि खेल की निष्पक्षता बनी रहे और प्रतिभावान खिलाड़ियों को न्याय मिल सके।







