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हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर बनेगा औद्योगिक विकास की रीढ़, रोजगार और कनेक्टिविटी में लाएगा क्रांतिकारी बदलाव

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चंडीगढ़ |  हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर न सिर्फ राज्य के विभिन्न जिलों को जोड़ने का कार्य करेगा, बल्कि NCR क्षेत्र में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए द्वार भी खोलेगा। यह रेल नेटवर्क दिल्ली के चारों ओर एक इंडस्ट्रियल रेल रिंग के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स क्षमताएं अभूतपूर्व रूप से बढ़ेंगी।

130 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर, दोहरी रेल लाइन और माल-यात्री दोनों के लिए तैयार

यह रेल कॉरिडोर पलवल से शुरू होकर सोहना, मानेसर, बहादुरगढ़, खरखौदा होते हुए सोनीपत तक पहुंचेगा। 130 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन पर यात्री और मालगाड़ियाँ दोनों चलेंगी। मानेसर से पाटली तक प्राथमिक खंड में काम तेज़ी से जारी है, जबकि सोनीपत और झज्जर जिलों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

इस परियोजना में 153 अंडरपास और दो प्रमुख रेलवे फ्लाईओवर शामिल होंगे, जिससे सड़क और रेल यातायात में बेहतर समन्वय बना रहेगा।

हरसाना कलां में नया जंक्शन, दो गांवों में बनेंगे स्टेशन

कॉरिडोर को दिल्ली-पानीपत मेन लाइन से जोड़ने के लिए सोनीपत के हरसाना कलां में एक नया जंक्शन बनाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त पिपली और तुर्कपुर गांवों में भी नए रेलवे स्टेशन विकसित किए जाएंगे, जो स्थानीय यात्रियों को सीधा लाभ देंगे।

20 गांवों से होकर गुजरेगा मार्ग

यह रेल लाइन खरखौदा और आसपास के 20 गांवों — जैसे किड़ौली, गोपालपुर, पिपली, नाहरा, मंडोरी और अकबरपुर बारोटा — से होकर गुजरेगी, जिनमें भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा हो चुका है।

खरखौदा IMT के लिए गेम चेंजर

खरखौदा में विकसित हो रहा इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (IMT) पहले से केएमपी एक्सप्रेसवे और नेशनल हाइवे 334B से जुड़ा हुआ है। ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर के जुड़ने से यह क्षेत्र एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब बन सकता है। मारुति-सुजुकी जैसी बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए यह रेलमार्ग तैयार माल और कच्चे माल की तेज़ आपूर्ति में मददगार होगा।

20 आधुनिक रेलवे स्टेशन होंगे विकसित

कॉरिडोर के अंतर्गत मानेसर, पाटली, सुल्तानपुर, पंचगांव, बादली, बाढ़सा, देवरखाना, आसौदा, न्यू हरसाना कलां सहित 20 स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा, जो मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट की सुविधा देंगे।

उद्योग और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

यह परियोजना गुरुग्राम, मानेसर, सोहना, बहादुरगढ़ और सोनीपत जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के लिए एक बड़ी सुविधा बनेगी। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सैनी दोनों ही इसे हरियाणा के औद्योगिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण करार दे चुके हैं।

नई ट्रांसपोर्ट व्यवस्था की ओर कदम

केएमपी एक्सप्रेसवे के समानांतर विकसित हो रही यह रेल परियोजना भारी वाहनों की दिल्ली में एंट्री को सीमित करेगी और माल परिवहन को तेज़, सुरक्षित और किफायती बनाएगी। सड़क और रेल का यह समन्वय NCR के ट्रांसपोर्ट सिस्टम में बड़ा बदलाव लाने जा रहा है।

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