सोनीपत | हरियाणा में किसान लगातार सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए नज़र आते है और आज सोनीपत में किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ के नेतृत्व में आज किसानों ने लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया और किसानों ने सरकार के साथ साथ अधिकारियों के खिलाफ वायदाखिलाफी के आरोप लगाए, किसानों ने अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम ज्ञापन भी सौंपा और अपनी मांगों को पूरी करवाने की गुहार सरकार से लगाई, क्या है किसानों की मांगे देखिए इस रिपोर्ट में और आखिरकार क्यों किसान आज लघु सचिवालय सोनीपत में इक्कठा हुए।
किसान लगातार सरकार के साथ साथ अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं, अब हम आपको बताते है कि क्यों किसान सरकार पर वायदाखिलाफी के आरोप लगा रहे हैं, हरियाणा में पिछली यकीन मनोहरलाल खट्टर सरकार ने कुंडली मानेसर पलवल एक्सप्रेसवे के साथ साथ एक रेलवे कॉरिडोर का निर्माण कर रही है और उसके लिए जो जमीन अधिग्रहण की गई थी उसके मुआवजा राशि में बढ़ोतरी की मांग मान ली गई थी लेकिन वो मुआवजा राशि किसानों को नहीं मिली वही फरमाना मंडी में गेहूं की फसल का भुगतान अभी तक किसानों को नहीं हुआ , तीसरी मांग है कि अब धान की फसल का समय नजदीक है तो सिंचाई के लिए नहरों में पानी छोड़ा जाए, वही किसानों की चौथी मांग थी कि सरकार ने कलेक्टर रेट्स पर रोक लगा दी है जोकि बिल्कुल गलत है क्योंकि मंहगाई के साथ अब जमीनों के रेट भी बढ़ रहे है।
किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर किसान के सख्त कार्रवाई जिसमें सिंधु नदी का पानी पाकिस्तान में रोकना भी शामिल है उस पर बयान देते हुए कहा कि 1960 की सिंधी पर रोक लगाना अच्छा कदम है, जिन नदियों का पानी हमे मिलना चाहिए था वो भी बीस प्रतिशत पानी वहां जा रहा है उसके लिए भी अच्छे इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना चाहिए, वही उन्होंने कहा कि एसवाईएल के पानी पर भी कड़ा कदम उठाया जाना चाहिए ताकि हरियाणा और राजस्थान को पानी मिल सकें।







