चंडीगढ़ | भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सूरजभान कटारिया ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा जाति जनगणना कराए जाने का निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” की नीति को सशक्त रूप से दर्शाता है।
कटारिया ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए समर्पित नीतियां लागू कर रही है। उन्होंने बताया कि भारत में पिछली बार 1931 में ब्रिटिश शासन के दौरान व्यापक जातिगत जनगणना हुई थी। इसके बाद से अब तक केवल अनुसूचित जातियों और जनजातियों के ही आंकड़े राष्ट्रीय स्तर पर एकत्र किए जाते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अब प्रस्तावित जाति जनगणना के जरिए सभी वर्गों के सटीक सामाजिक-आर्थिक आंकड़े सामने आएंगे, जिससे सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकेंगे। साथ ही, यह आरक्षण प्रणाली के निष्पक्ष और पारदर्शी क्रियान्वयन में भी मददगार साबित होगी, जिससे किसी भी वर्ग के हितों को नुकसान पहुंचाए बिना समानता और समावेशन को बढ़ावा मिलेगा।







