Home Haryana पंजाब द्वारा हरियाणा को पानी नहीं दिए जाने से नहरे हुई खाली

पंजाब द्वारा हरियाणा को पानी नहीं दिए जाने से नहरे हुई खाली

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सिरसा। पंजाब ने हरियाणा को पानी नहीं दिए जाने से अब हरियाणा में इसका असर देखने को मिल रहा है। पंजाब के साथ सटे हरियाणा के सिरसा में पानी के लिए अब से ही हाहाकार मचना शुरू हो गया है। हरियाणा पहले ही पानी की कमी का अहसास दिला चुका है। अब हरियाणा के आखिरी छोर पर बसे सिरसा में पानी की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। हालात यह है कि सिरसा जिला में अधिकतर नहरों में तो पानी की एक बूंद भी नहीं है और कई नहरों में पानी कल तक के लिए ही है यानी 2 मई के बाद से अगले 20 दिनों के लिए सिरसा जिला की तकरीबन नहरों में पानी नहीं दिया जाएगा और पानी का अभाव में नहरे भी खाली हो जाएगी। किसानों और ग्रामीणों को अब पीने के पानी और सिंचाई के लिए पानी की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। सिंचाई विभाग ने भी पानी की किल्लत के चलते अपने हाथ खड़े कर दिए है। पानी की कमी को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारी अपनी सिर्फ और सिर्फ बेबसी दिखा रहा है। किसानों की अब गेहूं की कटाई हो चुकी है और अब गेहूं और सरसों की फसल भी अधिकतर बिक गई है। अब किसान धान और नरमा की बिजाई करने की सोच रहा है लेकिन पानी की किल्लत की वजह से किसान अब फसलों की बिजाई भी नहीं कर सकेगा जिस वजह से किसान अब परेशान दिखाई दे रहा है।

सिंचाई विभाग द्वारा पिछले काफी समय से गांवों में नहरी पानी की कटौती कर दी गई है जिस कारण किसानों की समस्या बढ़ गई हैं। फ़िलहाल इस समय नरमे कपास की फसल की बिजाई का समय चल रहा है लेकिन नहरे सुखी होने के कारण किसानों को पानी की किल्ल्त का सामना करना पड़ रहा है। नहरी पानी की कमी के चलते किसानों को नरमे कपास की फसल की सिंचाई के लिए अभी से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जून जुलाई तक गर्मी का मौसम रहेगा ऐसे में ग्रामीण आँचल के लोगों को पीने के पानी की समस्या से भी जूझना पड़ेगा। सिरसा से रानियां  मार्ग पर कई दर्जन नहरे आती है जिसमें से अधिकतर नहरे सुखी हुई मिली। एक आध नहर में पानी दिखाई दिया वो भी किसानों के हिसाब से आधी नहर ही थी।

किसानों को पानी की कमी के कारण अपनी फसल में सिंचाई करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। किसान ट्यूबवेल की मदद से सिंचाई तो कर रहे है लेकिन ट्यूबवेल का पानी खारा होने के कारण उनकी फसल की सिंचाई सही तरीके से नही हो रही है। किसानों ने हरियाणा सरकार और सिंचाई विभाग के अधिकारियों से गांवों में ज्यादा नहरी पानी देने की मांग की है। वहीं सिंचाई विभाग के अधिकारी ने भी अपनी बेबसी दिखाई।

मीडिया से बातचीत करते हुए किसान हरबचन सिंह , गुरविंद्र सिंह , नरपाल सिंह और प्रीतपाल सिंह ने बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा नहरी पानी की कटौती की है जिससे किसानों को सिंचाई करने में परेशानी हो रही है। किसानों ने नहरी पानी की समस्या के बारे में कई बार विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाया है लेकिन उनकी समस्या का समाधान अभी तक नहीं हो पाया है। किसानों ने बताया कि काफी समय से गांवों में सिंचाई विभाग द्वारा नहरी पानी की कटौती की गई है जिससे उनकी नरमे कपास की फसल की बिजाई  चल रही है लेकिन नहरी पानी की कमी के चलते उनकी नरमे कपास की बिजाई भी प्रभावित हो रही है । उन्होंने कहा कि महीने में एक हफ्ता ही उनको नहरी पानी मिलता है जबकि 25 दिन पानी की कटौती रहती है । उन्होंने कहा कि नहरी पानी की कमी के कारण ट्यूबवेल का सहारा लेते है लेकिन ट्यूबवेल का पानी खारा होने के कारण सिंचाई सही तरीके से नहीं हो पाती है। किसानों ने बताया कि अगर इसी तरह नहरी पानी की कटौती चलती रही तो गर्मियों में पेयजल की समस्या भी होगी। किसानों ने हरियाणा सरकार और सिंचाई विभाग से नहरी पानी ज्यादा देने की मांग की है।

वहीं सिंचाई विभाग के  एसडीओ धर्मपाल पंवार ने बताया कि विभाग के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर ही पूरे हरियाणा में ही नहरी पानी की कटौती की बात कहकर अपनी बेबसी दिखाई। उन्होंने कहा कि नहरी पानी की कटौती इसी तरह जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब द्वारा हरियाणा को पानी नहीं दिया जा रहा है जिस वजह से हरियाणा में भी पानी की किल्लत हुई है और उसी वजह से सिरसा में भी पानी की कमी हो रही है।

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