चंडीगढ़ | हरियाणा से एक अहम प्रशासनिक खबर सामने आई है। वर्ष 2011 बैच के HCS अधिकारी रीगन कुमार, जिन्हें पहले अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई थी, अब राज्य सरकार द्वारा सेवा से बर्खास्त कर दिए गए हैं। यह फैसला उनके खिलाफ अनुशासनहीनता और एक महिला अधिकारी के यौन उत्पीड़न के आरोपों की गंभीरता को देखते हुए लिया गया है।
राज्यपाल की मंजूरी के बाद लिया गया फैसला
रीगन कुमार को 29 जनवरी 2025 को जबरन रिटायर कर दिया गया था। अब हरियाणा लोकसेवा आयोग (HPSC) की सिफारिश पर राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने उनकी सेवा समाप्त करने की स्वीकृति दे दी है। यह आदेश 29 जनवरी से प्रभावी माना जाएगा।
सैनी सरकार में पहली बर्खास्तगी
नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली सरकार में यह पहला मौका है जब किसी HCS अधिकारी को बर्खास्त किया गया है। इससे पहले, वर्ष 2021 में मनोहर लाल सरकार ने HPSC के तत्कालीन डिप्टी सेक्रेटरी अनिल नागर को भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते बर्खास्त किया था।
2018 में सामने आया था मामला
रीगन कुमार पर आरोप है कि 29 मई 2018 को पंचकूला स्थित शिक्षा विभाग की उत्कर्ष सोसायटी में प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर कार्यरत रहते हुए उन्होंने एक महिला असिस्टेंट प्रोडक्शन मैनेजर के साथ दुर्व्यवहार किया। मामले में FIR दर्ज हुई और उन्हें गिरफ्तार करने के साथ ही निलंबित भी किया गया था।







