चरखी दादरी | शहर के कॉलेज रोड इलाके में अवैध रूप से बसी झुग्गियों को हटाने के लिए गुरुवार को नगर परिषद द्वारा एक व्यापक अभियान चलाया गया। प्रशासन की टीम ने भारी पुलिस बल और ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में करीब तीन घंटे तक जेसीबी मशीनों से कार्रवाई की, जिसमें लगभग 170 झुग्गियों को ध्वस्त कर दिया गया।
इस कार्रवाई के चलते क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में झुग्गीवासी सड़कों पर उतर आए। गुस्साए लोगों ने दादरी-महेंद्रगढ़ रोड पर जाम लगा दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई को अमानवीय बताया।
15 साल से रह रहे थे झुग्गीवासी, प्रशासन पर बिना सूचना हटाने का आरोप
महेंद्रगढ़ चुंगी के पास नगर परिषद की भूमि पर वर्षों से रह रहे परिवारों ने आरोप लगाया कि उन्हें कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। स्थानीय निवासी सुशीला ने बताया, “हम 15 साल से यहां रह रहे हैं। न जमीन है, न घर। प्रशासन ने बिना बताए उजाड़ दिया।”
वहीं, प्रशासन का कहना है कि यह भूमि नगर परिषद की है और अतिक्रमण की शिकायतों के बाद कई बार नोटिस जारी किए गए थे। अधिकारियों के अनुसार, लगातार चेतावनी के बावजूद झुग्गीवासी हटने को तैयार नहीं हुए, जिसके बाद यह कदम उठाया गया।
विरोध प्रदर्शन के चलते तनावपूर्ण हालात, पुलिस ने संभाला मोर्चा
झुग्गीवासियों के विरोध के कारण कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट की निगरानी में हालात को संभाला और जाम खुलवाने की कोशिश की। हालांकि, कुछ स्थानों पर मामूली झड़पें भी हुईं, जिन्हें समय रहते काबू में कर लिया गया।
रिहायश के लिए पुनर्वास की मांग
बेघर हुए परिवारों ने प्रशासन और सरकार से पुनर्वास की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं दी जाती, तब तक वे विरोध जारी रखेंगे। कई स्थानीय नेताओं ने भी मौके पर पहुंचकर झुग्गीवासियों को समर्थन देने की बात कही है, जिससे मामला राजनीतिक रंग लेने लगा है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील मुद्दे पर क्या कदम उठाता है और इन सैकड़ों प्रभावित परिवारों के लिए कोई पुनर्वास योजना सामने आती है या नहीं।







