Karnal,18 April-राजकीय स्कूलों के शिक्षकों को एमआईएस पोर्टल पर ऑनलाइन टीचर डायरी लिखने के आदेश के विरोध में अब शिक्षक संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन (हसला) के हरियाणा उप प्रधान शिव कुमार वर्मा ने बताया कि हसला, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षा विभाग के इस आदेश को अव्यवहारिक बताया और आज 17 अप्रैल को जिला सचिवालय में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।
डिजिटल टीचर डायरी का निर्णय शिक्षकों पर एक ओर बोझ
शिव कुमार वर्मा ने बताया कि हसला के राज्य प्रधान सतपाल सिंधु ने इस संबंध में शिक्षा निदेशालय को पत्र लिखकर चेताया है कि यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया तो संगठन द्वारा इस निर्णय के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल टीचर डायरी का निर्णय शिक्षकों पर एक ओर बोझ है, साथ ही इसके क्रियान्वयन से शिक्षण कार्य भी बाधित होगा। उन्होंने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन केवल एक आदेश के विरोध में नहीं है, बल्कि शिक्षक समुदाय की गरिमा व अधिकारों की रक्षा के लिए है। शिक्षा विभाग को चाहिए कि वह जमीनी वास्तविकताओं को समझे और शिक्षकों से संवाद कर नीतियां बनाए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से निदेशक माध्यमिक शिक्षा को ज्ञापन सौंपा गया है।
सलाह लिये बिना थोप दिया फैसला:
अध्यापक प्रीति शर्मा ने कहा कि शिक्षक पहले ही कई प्रकार की ऑनलाइन गतिविधियों में व्यस्त हैं, अब टीचर डायरी को डिजिटल रूप से भरने का निर्णय और अधिक मानसिक बोझ बढ़ाएगा। यह निर्णय बिना शिक्षकों से सलाह लिए थोप दिया गया है, जो कि निंदनीय है। अध्यापक डॉ रेखा कहा कि हम तकनीक के विरोध में नहीं हैं, लेकिन शिक्षकों के मूल कार्य शिक्षण में बाधा पहुंचाने वाले आदेश को स्वीकार नहीं करेंगे।







