सिरसा,3 अप्रैल –इस शैक्षणिक सत्र में निशुल्क व अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत शिक्षा विभाग ने निजी स्कूल संचालकों को निशुल्क दाखिल संबंधित दिशा निर्देश जारी किए हैं। स्कूलों को इन निर्देशों की अनिवार्य रूप से पालना करनी होगी। अगर वे विभागिय निर्देशों की पालना करने में आनाकानी करेंगे, तो उनके खिलाफ एक्शन लेगा।
दरअसल, मौलिक शिक्षा हरियाणा के महानिदेशक ने मान्यता प्राप्त सभी प्राइवेट स्कूलों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने स्कूलों में एंट्री लेवल की कक्षा चाहे वह पहली अथवा इससे पहले की कोई भी कक्षा हो, उसमें कुल सीटों की 25 प्रतिशत सीटें निम्न कैटेगिरी के बच्चों हेतू आरक्षित रखेगा। इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर जिसकी पारिवारिक आय गरीबी रेखा से नीचे हो, बच्चा अनाथ हो, एचआईवी से पीडि़त हो, विशेष बच्चा हो अथवा बच्चे की माता विधवा हो, ये कैटेगिरी के बच्चे निजी स्कूलों की एंट्री लेवल कक्षा में निशुल्क दाखिले के पात्र होंगे। यदि निजी स्कूल की एंट्री लेवल कक्षा में 100 सीटें हैं, तो इसमें से 25 सीटें स्कूल संचालक को उक्त कैटेगिरी के बच्चों के लिए आरक्षित रखनी होगी।
स्कूल की एंट्री लेवल कक्षा की सीटों का ब्यौरा करना होगा अपलोड़
मौलिक शिक्षा के महानिदेशक ने सभी मौलिक शिक्षा अधिकारियों को इन निर्देशों की पालना सुनिश्चित करवाने को कहा है। मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को विभाग के एमआईएस पोर्टल पर अपने स्कूल की एंट्री लेवल कक्षा की सीटों का ब्यौरा अपलोड़ करना होगा। इसके बाद विभाग दाखिले के लिए शेडयूल जारी करेगा। अगर स्कूल आरक्षित 25 फीसदी सीट पर लाभार्थियों की जगह अन्य बच्चों को दाखिला देगा, तो उसके खिलाफ निदेशालय की ओर से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके लिए संयुक्त निदेशक आईटी सैल 25 फीसदी सीट डिक्लेरेशन हेतू 1 अप्रेल 2025 तक रात 12 बजे तक पोर्टल खोलने का अनुरोध किया गया है। निदेशालय ने यह भी साफ कर दिया है कि जो स्कूल पोर्टल पर जानकारी अपलोड नहीं करेगा, तो भी उसे एंट्री लेवल कक्षा में उपरोक्त श्रेणी के बच्चों को दाखिला देना ही होगा, यह अनिवार्य रूप से लागू कर दिया गया है।
एक किलोमीटर दायरे में होना चाहिए स्कूल
प्राइवेट स्कूलों की एंट्री लेवल क्लास में दाखिले के इच्छुक संबंधित कैटेगिरी के पात्रों को निदेशालय की ओर से लक्ष्मणरेखा भी जारी की गई है। मतलब पात्र अपने मनमर्जी के प्राइवेट स्कूल में दाखिला नहीं ले सकेंगे। अपने निवास स्थान के एक किलोमीटर दायरे में जो भी मान्यता प्राप्त निजी स्कूल पड़ता होगा, उसी में वे दाखिले के लिए आवेदन कर सकेंगे। इस लक्ष्मणरेखा को पात्र नहीं लांघ सकेंगे।
1800 से ज्यादा बच्चों को मिलेगा मुफ्त दाखिला
बता दें कि शिक्षा विभाग के एमआईएस पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के मुताबिक जिला के मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों की पहली कक्षा में कुल 7529 बच्चे पढ़ते हैं। इस लिहाज से आंकलन करें तो 25 फीसदी आरक्षण के तहत 1882 बच्चे मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में मुफ्त दाखिला ले सकेंगे।जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी बूटाराम ने बताया कि मौलिक शिक्षा निदेशक की ओर से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों की एंट्री लेवल कक्षा में 25 फीसदी पात्रों के लिए आरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों को उपलब्ध सीटों का ब्यौरा विभागिय पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसके बाद विभाग द्वारा रिक्त आरक्षित सीटों पर दाखिले के लिए शेडयूल जारी कर दिया जाएगा। निदेशालय के निर्देशों की पूरी पालना सुनिश्चित की जाएगी।







