करनाल : चन्द्रिका ( TSN)- राष्ट्रीय दुग्ध दिवस के अवसर पर एनडीआरआई में दूध के महत्व, गुणवत्ता और उपलब्धता को लेकर प्रदर्शनी का आयोजन किया गया । संस्थान के निदेशक डॉक्टर धीर सिंह ने बताया कि भारत सबसे बड़ा दूध उत्पादक है और आज देश में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 460 ग्राम है । वर्ष 2047 तक इसे बड़ा कर प्रति व्यक्ति एक लीटर करने का लक्ष्य रखा गया है और एनडीआरआई संस्थान इस लक्ष्य को हासिल भी करेगा ।
धीर सिंह ने बताया कि संस्थान धीर के उत्पादन के साथ गुणवत्ता और दूध के प्रोसेसिंग पर विशेष ध्यान दे रहा है ताकि पशु पालकों को दूध के बनाए प्रोडक्ट बनाने से अच्छा मुनाफा हो । उन्होंने बताया कि दूध की क्वालिटी पर फोकस किया गया है और अब वे निर्यात की तरफ बढ़ रहे है । कुपोषण को खत्म करने में दूध का अहम योगदान है और संस्थान इस दिशा में काम कर रहा है कि पशुओं से मिलने वाले प्रोटीन का अधिक प्रयोग कुपोषण को समाप्त करने में किया जाए ।एनडीआरआई संस्थान अपने छात्रों को भी दूध और अन्य उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दे रहा है । एनडीआरआई में कोर्स करने वाले स्टूडेंट एक्सपर्ट के मार्गदर्शन में कई तरह के उत्पाद बना चुके है । दुग्ध दिवस पर लगाई गई प्रदर्शनी में दूध की गुणवत्ता को आसानी से जांचने की किट भी प्रदर्शित की गई । इस किट के जरिए दूध की जांच छह प्रकार से की जा सकती है और दूध में की गई मिलावट का पता लगाया जा सकता है ।







