रोहतक, 26 मार्च- प्रेम प्रसंग के चलते योगा टीचर का अपहरण कर रोहतक से 61 किलोमीटर दूर चरखी दादरी के पैंतावास गांव में 7 फीट गड्ढे में जिंदा ही दफना दिया,यही नहीं अपहरण के 10 दिन बाद गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हुई और 3 महीने तक पुलिस योगा टीचर की तलाश करती रही, ठीक 3 महीने बाद 24 मार्च को पुलिस ने योगा टीचर के शव को गड्ढे से बाहर निकाला और दो आरोपियो को गिरफ्तार कर लिया। झज्जर जिले के मांडोठी गांव के जगदीप का 24 दिसंबर को अपहरण हुआ था और 24 मार्च को पुलिस ने शव को बरामद किया। पुलिस आरोपीयो से पूछताछ कर रही है ताकि इस मामले का और खुलासा हो सके। आरोपियों ने मृतक जगदीश के साथ मारपीट की और हाथ पैर बांधकर जिंदा ही गड्ढे में दफना दिया।
अपहरण के 10 दिन बाद हुई गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज
झज्जर जिले के मांडोठी गांव का जगदीप रोहतक की बाबा मस्तनाथ यूनिवर्सिटी में योग टीचर के पद पर कार्य करता था। 24 दिसंबर को जगदीप सुबह ड्यूटी पर गया और शाम को घर पहुंचते ही लापता हो गया जगदीप का प्रेम प्रसंग के चलते अपहरण कर लिया और आरोपियों ने जगदीप के हाथ पैर बांध दिए और शोर ना करें मुंह पर भी टेप लगा दी व रोहतक से 61 किलोमीटर दूर चरखी दादरी के पैंतावास गांव में सुनसान पड़े खेतों में 7 फीट गड्ढा खोदकर जमीन में जिंदा ही दफना दिया। वहीं अपहरण के 10 दिन बाद यानी 3 फरवरी को शिवाजी कॉलोनी थाने में जगदीप की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हुई पुलिस ने अपने स्तर पर तलाश शुरू की और 3 महीने तक पुलिस जगदीप की तलाश करती रही,आखिर में जगदीप की कॉल डिटेल के माध्यम से पुलिस मुख्य आरोपी तक पहुंच गई और हरदीप और धर्मपाल नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया अदालत में पेश कर रिमांड के बाद पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। दरसल जगदीप जिस घर में किराए पर रहता था उसी घर में एक महिला के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था जिसकी भनक महिला के पति को लगी और जगदीप के साथ मारपीट कर उसका अपहरण कर लिया और गाड़ी में डालकर पैंतावास गांव ले गए जहां पर पहले से तैयार 7 फीट गहरे गड्ढे में जिंदा ही दफन कर दिया इससे पहले जगदीप के हाथ पैर बांध दिए थे और पहले से तैयार गड्ढे में डाल दिया। बताया जा रहा है कि जिस व्यक्ति ने गड्ढा खोदा उन्हें यह कहकर गड्ढा खुदवाया गया कि यहां पर बोरवेल किया जाना है लेकिन पुलिस ने इस मामले की गुत्थी सुलझाली है।
पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
वहीं दूसरी ओर CIA-1 प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि हरदीप और धर्मपाल नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है इनके और साथी भी इस हत्याकांड में शामिल है। 24 दिसंबर को मृतक जगदीप के साथ मारपीट की गई और उसके हाथ पैर बांधकर गाड़ी में डाल दिया यही नहीं शोर न मचाए इसके लिए मुंह पर टेप लगा दी और चरखी दादरी के पैंतावश गांव में ले गए जहां पहले से सुनसान जगह खेतों में तैयार 7 फ़ीट गड्ढे में जिंदा ही दफना दिया। पुलिस ने हर एंगल से जांच की जब मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगाली गई तो सारा मामला समझ में आया और पुलिस एक-एक कड़ी जोड़कर मुख्य आरोपी तक पहुंच गई। बैहराल CIA-1 प्रभारी कुलदीप सिंह का कहना है की बाकी आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वही मृतक जगदीप के शव का आज पीजीआई में बोर्ड बनाकर पोस्टमार्टम करवाया गया पुलिस यह जांच कर रही है कि मृतक जगदीश को जिंदा ही दफन कर दिया था या फिर किसी धारदार हथियार से उसकी हत्या की गई थी।







