पलवल, 3 फरवरी – पलवल के कस्वा हसनपुर के खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय में हुए करोडों रुपए घोटाले में पर्त दर पर्त खुलती जा रही हैं। इस घोटाले में शामिल आरोपी खजाना कार्यालय में तैनात चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी सतपाल के दोस्त राजू के घर से एंटी क्रप्शन ब्यूरो की एबीसी की टीम ने 61 लाख 43 हजार 150 रुपए बरामद किए गए। छोटे से ब्लाक में हुआ यह घोटाला लगातार बढ़ता ही जा रहा है,अब देखना होगा की जांच टीम मुख्य आरोपी राकेश के खिलाफ क्या कार्यवाही करती है।
आपको बता दें कि इस घोटाले में शामिल आरोपी खजाना कार्यालय में तैनात चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी सतपाल के घर से एंटी क्रप्शन ब्यूरो की टीम 28 जनवरी को तलाशी अभियान के तहत नगदी बरामद नहीं कर सकी थी। लेकिन अब देर शाम आरोपी सतपाल के दोस्त कच्चा तालाब निवासी राजू बघेल के मकान से 61 लाख 43 हजार 150 रुपए की नगदी बरामद की है। राजू बघेल इस मामले में पहले से ही गिरफ्तार आरोपी सतपाल का बचपन का साथी बताया गया है,जो होडल में बस स्टेण्ड के समीप फलों की रेहडी लगाता है। आरोपी सतपाल ने उक्त नगदी को कुछ दिनों पहले राजू बघेल के घर में यह कहकर रखा था कि उसे जमीन की रजिस्ट्री करानी है,लेकिन फिलहाल रजिस्ट्री नहीं हो रही है।
जानकारी के अनुसार आरोपी सतपाल की गिरफ्तारी की सूचना जब उसके दोस्त राजू को लगी तो उसने मामले की सूचना अपने किसी परिचित पुलिसकर्मी को दे दी।पुलिस कर्मचारी ने इस मामले की जानकारी एंटी क्रप्शन ब्यूरो को भेज दी। जिस पर एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम मामले में आरोपी सतपाल को अपने साथ लेकर उसके दोस्त कच्चा तालाब निवासी राजू बघेल के घर पहुंची। बरामद की गई लाखों रुपए की नगदी की गिनती के लिए टीम ने पंजाब नेशनल बैंक से नोट गिनने की मशीन मंगाई। लगभग तीन घंटे तक नोटों की गिनती के बाद विभागीय टीम सतपाल को अपने साथ ले गई।
उधर राजू बघेल के मकान पर टीम की सूचना मिलते ही सैंकडों की संख्या में महिला पुरुष गली में एकत्रित हो गए। कई घंटों तक नोटों की गिनती पूरी होने के बाद टीम मकान से बाहर निकली। एंटी क्रप्शन ब्यूरो की टीम ने बरामद नगदी को कई बैगों में सील कर कार्रवाई की। एंटी क्रप्शन ब्यूरो के इंस्पैक्टर भगत सिंह ने बताया कि फिलहाल राजू बघेल के मकान से 61 लाख 43 हजार 150 रुपए बरामद हुए हैं। इस मामले में सतपाल से पूछताछ जारी है। इससे पहले एंटी क्रप्शन ब्यूरो की टीम करोंडों रुपए के इस घोटाले में आरोपी सेवा निवृत अधिकारी शमशेर सिंह के मकान से लगभग साढे तीन करोड रुपए की नगदी और सोने के आभूषण बरामद कर चुकी है। इस घोटाले में आए दिन नई नई परतों से लगता है की इस घोटाले में काफी अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है की इस घोटाले के मास्टर माइंड ब्लाक के क्लर्क राकेश से अभी तक कोई पैसे बरामद नहीं कर पाई है। जबकि अब यह मामला प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सैनी के दरबार में पहुँच चूका है की प्रदेश के एक छोटे से ब्लाक में इतना बड़ा घोटाला हुआ है जिसमे यह घोटाला लगभग डेढ सौ करोड़ तक पहुँचने के आसार हैं।







