पलवल, 22 जनवरी -पलवल में एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने पथरी का ऑपरेशन कराने आई बुजुर्ग महिला की आंत की नसे भी काट दी। इससे महिला की हालत बिगड़ी, तो उसे दिल्ली के लिए रेफर कर दिया। इसका खुलासा तब हुआ जब महिला को दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह इलाज आयुष्मान स्कीम के तहत कराया गया था। सरकारी अस्पताल ने भी इसकी जांच की और जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि ऑपरेशन गलत किया गया था। महिला के पति के मुताबिक उसकी पत्नी अब एक जिंदा लाश की तरह हो गई है। उसकी 6 बेटियां है। इसकी शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी डॉक्टरो के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
आंत की नस कटने की वजह से महिला बनी जिंदा लाश
बता दें नूह जिले के अकेड़ा गांव के रहने वाले आशाराम ने बताया कि उनकी पत्नी किशन प्यारी 65 वर्षीय के पेट में दर्द हो रहा था। पहले तो उन्होंने इसे सामान्य दर्द समझा और डॉक्टर से दवाई लेते रहे। हालांकि उनकी पत्नी को आराम नहीं मिला। इसके बाद 8 मई को वह पत्नी को लेकर अस्पताल गए। जहां डॉक्टरों ने उसकी जांच की और कहा कि उसकी पित्त की थैली में पथरी है। डॉक्टरों ने कहा कि उन्हें ऑपरेशन कराना होगा। जिससे इस पथरी को बाहर निकाला जाए। इसके बाद उन्होंने ऑपरेशन के लिए पलवल के तुला अस्पताल को चुना। जहां 14 मई को पित्त की पथरी का ऑपरेशन हुआ। इसका खर्चा प्रधानमंत्री आयुष्मान स्कीम के तहत भरा गया। ऑपरेशन के बाद उसकी पत्नी की तबीयत फिर बिगड़ गई। तुला अस्पताल के डॉक्टरों ने अचानक महिला को दिल्ली के लिए रेफर करने को कह दिया। वह महिला को दिल्ली ले गए,लेकिन वहां किसी ने भर्ती नहीं किया। इस वजह से महिला की हालत और बिगड़ती चली गई। 17 मई को ज्यादा हालत बिगड़ने पर वह उसे वापस तुला अस्पताल ले आए। तुला अस्पताल में इलाज के बावजूद महिला को आराम नहीं आया। इसके बाद किसी तरह से उन्होंने महिला को दिल्ली स्थित जीबी पंत अस्पताल में भर्ती कराया। जब वहां के डॉक्टरों ने जांच की, तो पता चला कि जब डॉक्टरों ने महिला के पित्त की पथरी का ऑपरेशन किया। तो पित्त की थैली के साथ आंतों को भी काट दीया । इसी वजह से महिला की हालत बिगड़ी है।
आशाराम ने बताया कि उनकी पत्नी की हालत इतनी खराब है कि वह चल भी नहीं सकती है। वह जिंदा लाश बनकर रह गई है। उन्होंने जिला नागरिक अस्पताल पलवल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी और पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। जिला नागरिक अस्पताल की जांच रिपोर्ट में भी तुला अस्पताल के डॉक्टर को दोषी पाया गया है।
निजी अस्पताल पर एफआईआर दर्ज
वहीं कैंप थाना प्रभारी दिनेश कुमार के मुताबिक उन्हें अस्पताल के गलत ऑपरेशन करने की शिकायत मिली है। इस मामले में आईपीसी की धारा 336 और 338 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। उसके बाद गलत ऑपरेशन के लिए जिम्मेदार डॉक्टरो के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।







