सिरसा,11 दिसंबर -शहर की लक्कड़ मंडी स्थित विभिन्न आरा मशीनों पर कार्य करने वाले मजदूरों व मिस्त्रियों और आरा मशीन संचालकों के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले पांच दिनों से मजदूरों की चल रही हड़ताल लगतार जारी है। संबंधित श्रम विभाग के साथ भी कई दफा दोनों के मध्य बैठक हो चुकी है, लेकिन फिर मांगों पर सहमति नहीं बन पा रही है।
यूनियन के बैनर तले दर्जनों मजदूर डीसी से मिले.. की ये मांग
श्री विश्वकर्मा टिंबर मर्चेन्टस आरा मशीन सोशल वैल्फेयर ट्रस्ट के प्रधान बृजमोहन बंसल व अन्य आरा मशीन मालिक व मजदूर यूनियन से जुड़े मजदूर श्रम विभाग के कार्यालय पहुंचे। लेकिन उनकी बातचीत सिरे नहीं चढ़ी। जिसके पश्चात सभी मजदूर उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और उपायुक्त को पुन्ह अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। उपायुक्त ने जल्द उनकी समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया।
यूनियन के प्रधान बलवंत सिंह ने कहा कि आरा मालिक मजदूरों का वेतन 21 हजार रुपए प्रति महीना व मिस्त्री का वेतन 30 हजार प्रति महीना निर्धारित करें। आरा लैबर व मिस्त्री का काम रिस्की होता है, इसलिए सेफ्टी इक्विपमेंट उपलब्ध कराए जाए। इसके अलावा उन्होंने उपायुक्त से कहा कि आरा लैब व मिस्त्री जोकि लकड़ी की कटाई व टिंबर बनाने तक का काम करते है इसलिए इन सबको कारपैंटर की श्रेणी में डाला जाए। इसके अलावा यूनियन ने आरा मशीन मजदूरों का ड्यूटी टाइम सुबह 9 से शाम 6 बजे तक निर्धारित करने की मांग की। लंच के लिए 1 से 2 बजे तक समय निर्धारित करने की मांग भी उठाई गई। मजदूरों का रविवार के दिन छुट्टी करने पर वेतन ना काटा जाए और रविवार को मजदूरों को पूरी छुट्टी दी जाए। आरा मशीन पर काम करते समय कोई दु.र्घटना होने पर उसकी भरपाई आरा मालिकों की ओर से की जाए। मजदूरों को उनकी मजदूरी शनिवार शाम को हर हाल में मिल जानी चाहिए। एक साल से एक मशीन पर काम करने वाले मजदूरों का वेतन बढ़ाया जाए।







