11 दिसंबर कुरुक्षेत्र। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ भारत के हिंदुओं में भारी रोष है। हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों का गुस्सा अब सड़कों पर नजर आने लगा है। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में भी बांग्लादेश में हिंदू नरसंहार व बांग्लादेश में हिन्दुओं एवं वहां के अल्पसंख्यकों व महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ हिंदू संगठनों ने ‘बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में अग्रसेन चौंक पर हिंदू संगठनों के लोग भारी संख्या में एकत्रित हुए। इनमें विशेष रूप से संतों, बुजुर्गों महिलाओं और युवाओं की भारी संख्या में भागीदारी रही। जय श्री राम और बांग्लादेश मुर्दाबाद के नारों से धर्मनगरी गूंज उठी। मोहन नगर, अग्रसेन चौंक से हिंदू संगठनों ने पिपली रोड, सेक्टर 13 मार्ग से होते हुए लघु सचिवालय पहुंचकर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा और पुतला फूंका
इस रोष मार्च में उमड़ा लोगों का जन सैलाब इस बात का जीता जागता उदाहरण था कि अपने हकों और अधिकारों के लिए अब हिन्दू जाग चुका है,
एकजुट हो चुका है। हिंदू समाज के लोगों ने अपनी ताकत दिखाई और ऐलान कर दिया कि एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे। हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि हिंदुओं पर अत्याचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भारत सरकार तुरंत इस पर संज्ञान ले।
इस अवसर पर वासुदेवा नंद, स्वामी हरिओम दास परिवराजक, जनार्दन स्वामी महाराज, स्वामी रघुनाथ दास महाराज, साध्वी मोक्षिता, किशन दास महाराज, प्रेम नारायण अवस्थी, हरियाणा शुगर फेडरेशन के अध्यक्ष धर्मवीर डागर, सदस्य प्रदेश कार्यकारिणी भाजपा राजकुमार सैनी, जिला महामंत्री तजिंदर सिंह गोल्डी, उपाध्यक्षा अनु मालयान, गुरनाम सैनी, राकेश काठवाढ़, धर्मपाल चौधरी डीपी, आचार्य राम मेहर शास्त्री, राकेश मेहता, दर्शन गुलाटी, राजेंद्र जुनेजा, जय नारायण शर्मा, सुरेंद्र माजरी, के.सी रंगा, अश्वनी जैन, रोहित शर्मा व समस्त हिंदू समाज सर्व धर्म के लोग उपस्थित रहे।
आपको बता दें कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक पर लगातार अटैक हो रहे हैं। हाल ही में एक इस्कॉन मंदिर के पुजारी चिन्मय कृष्ण दास को अरेस्ट किया गया था। शुक्रवार की देर रात बांग्लादेश की राजधानी ढाका के नमहट्टा और इस्कॉन मंदिर में कुछ उपद्रवियों ने हमला कर आग लगा दी। वहां के हालात बेकाबू हो गए है। उपद्रवी लगातार हिंदू प्रतिष्ठानों को टारगेट कर हमला कर रहे हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि उपद्रवियों ने न केवल अल्पसंख्यक हिंदुओं के घरों में बल्कि प्रतिष्ठानों में भी आग लगा दे रहे हैं। वहां की सरकार और पुलिस प्रशासन मूक दर्शक बनी हुई है।







