चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली के माध्यम से योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समय पर पहुँचाने में बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। अब तक राज्य में 1.06 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है।
वित्त वर्ष 2024-25 में ही 14.82 करोड़ लेन-देन के जरिए 2.78 करोड़ लाभार्थियों को 17,824.10 करोड़ रुपये उनके बैंक खातों में भेजे गए। यह जानकारी मंगलवार को मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई डीबीटी सलाहकार बोर्ड की चौथी बैठक में दी गई।
फर्जी लाभार्थियों पर रोक और बड़ी बचत
बैठक में बताया गया कि डीबीटी लागू होने से योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुँचा है और फर्जी या डुप्लीकेट लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें हटाया गया है। अब तक 36.75 लाख संदिग्ध लाभार्थियों को सिस्टम से बाहर किया गया, जिससे सरकार को लगभग 10,187.13 करोड़ रुपये की बचत हुई है।
156 योजनाएं पोर्टल पर उपलब्ध
राज्य के 26 विभागों द्वारा कुल 156 डीबीटी योजनाएं पोर्टल पर अपलोड की गई हैं। इनमें 96 राज्य सरकार की योजनाएं और 60 केंद्र प्रायोजित योजनाएं शामिल हैं।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी विभागों को लाभार्थियों का डेटा नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधार और परिवार पहचान पत्र (PPP) का एकीकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ और अधिक पारदर्शी व प्रभावी तरीके से दिया जा सके।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव जी. अनुपमा, प्रधान सचिव डी. सुरेश, आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाइन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।







