11 दिसंबर, कुरुक्षेत्र–करनाल के डॉ. मंगल सेन ऑडिटोरियम में आयोजित 3 दिवसीय जिला स्तरीय गीता जयंती महोत्सव स्थल पर विभिन्न स्टॉल्स आकर्षण का केंद्र बने है .इनमें गीता साहित्य, हस्तशिल्प, योग, आयुर्वेद, और आध्यात्मिक सामग्री के साथ-साथ स्थानीय कला और संस्कृति की झलक प्रस्तुत की गई। इन स्टॉल्स ने दर्शकों को गीता के संदेश और भारतीय परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्रदान किया। इतना ही नही जेल के कैदियों द्वारा अपने हाथों से बनाये गए लकड़ी के समान को भी यहां प्रदर्शित किया गया।
डॉ मंगलसेन के बाहर प्रांगण जिला प्रशासन द्वारा लगाई गई एक बड़ी स्क्रीन से कुरुक्षेत्र में बड़े स्तर पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव कार्यक्रम से लाइव जोड़ा गया.जिसमें बड़े राजनेताओं, धार्मिक व सामाजिक संगठनों सहित 18 हजार के लगभग स्कूली बच्चों ने भाग लिया। प्रांगण में पहुंचे करनाल जिला के स्कूली बच्चों के साथ पहुंचे विधायक अतिथियों सहित अध्यापकों ने संस्कृति में गीता के श्लोकों का उच्चारण किया। इसके बाद स्कूली बच्चों द्वारा डॉ मंगलसेन ऑडिटोरियम में सांस्कृतिक कला कार्यक्रम से हाल में पहुंचे लोगो का मन मोह लिया।
करनाल जिले के असन्ध विधायक योगेंद्र राणा ने केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल लाल व गीता मनीषी ज्ञानंद महाराज का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार व महाराज के प्रयासों से आज गीता का संदेश पूरे विश्व मे फैल रहा है।कुरुक्षेत्र की धरती से मुख्यमंत्री नायब सैनी से 18 हजार स्कूली बच्चों को संदेश दिया व गीता के श्लोकों का उच्चारण किया।इंद्री विधायक एवं व्हीप चीफ राम कुमार कश्यप ने बताया कि गीता हमे जीने की राह बताती और सिखाती है,लेकिन आज का मानव तनाव में रहता है।उन्होंने कहा कि गीता का सार कहता है कि कर्म करो, कर्म करते हुए इंसान भटक भी जाता है क्यों कि इच्छा मुताबिक फल काई बार नही मिल पाता है। इसलिये गीता में कहा गया कि कर्म करो, फल की चिंता मत कर करो तो निश्चित रूप से मनुष्य आगे बढ़ेगा।







