कुरुक्षेत्र, 6 दिसंबर –ब्रह्मसरोवर तट पर चल रहे अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती समारोह का गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानन्द महाराज ने अवलोकन करने पहुंचे.उन्होंने कहा कि 8 दिसम्बर को उपराष्ट्रपति अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में आएंगे. वहीं स्वामी ज्ञानानन्द ने बांग्लादेश में मंदिर तोड़ने व हिंदुओं पर अ.त्याचार बारे कहा की हिंदू समाज को संघठित होने की जरूरत, धर्मनिरपेक्षता की चादर ओढ़ने वाले व मानवाधिकार के नाम पर हल्ला मचाने वाले संगठन चुप्पी क्यों साधे हैं
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भगवत गीता का सम्मान बढ़ रहा
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि गीता जयंती का आयोजन बारे जो परिकल्पना की गई थी.वह आज साकार होती दिख रही है. गीता जयंती समारोह में प्रशासनिक, शैक्षणिक, राजनीतिक लोगों की भागीदारी बढ़ने के साथ-साथ आम लोगों की भागीदारी भी बढ़ रही है और राष्ट्रीय ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भगवत गीता का सम्मान बढ़ रहा है. गीता मनीषी बोले की 9/10 दिसंबर को अखिल भारतीय देवस्थानम सम्मेलन में चारों धाम, सप्तपूरियों, 11 ज्योतिर्लिंगों व 51 शक्तिपीठों के संत-महंत शामिल होंगे.







