3 दिसंबर, पलवल— पलवल जिला परिषद चेयरमैन की कार्यशैली से नाराज पार्षदों ने जिला उपायुक्त से अविश्वास प्रस्ताव मीटिंग बुलाने के लिए पत्र दिया है।उपायुक्त को दिए गए पत्र में 20 जिला पार्षदों में से 15 पार्षदों के हस्ताक्षर हैं। हथीन से भाजपा की टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़े मनोज रावत की पत्नी आरती रावत जिला परिषद की चेयरमैन हैं।
बता दें कि करीब दो साल पहले केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर की निगरानी में आरती को जिला परिषद चेयरमैन चुना गया था।चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के बारे में दिए गए पत्र में कहा गया है कि पार्षद इनकी कार्यशैली से संतुष्ट नहीं हैं। उन्हें तुरंत प्रभाव से पद से हटाया जाये – हथीन से भाजपा नेता मनोज रावत की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है. सबसे पहले तो उनकी धर्मपत्नी आरती रावत पर जिला परिषद में करोड़ों रूपये के घोटाले करने के आरोप लगे और फिर मनोज रावत को विधानसभा चुनाव में भाजपा की टिकट पर कांग्रेस प्रत्याशी मोहम्मद इशराईल से हार का मुँह देखना पड़ा. अब उनकी धर्मपत्नी जिला परिषद की चेयरपर्शन आरती रावत की कुर्सी भी खतरे में पड़ गई है.
जिले के असंतुष्ट पार्षदों ने बुलाई मीटिंग
पलवल जिले के असंतुष्ट पार्षदों ने हरियाणा पंचायती राज एक्ट 1994 के अनुसार पूर्ण बहुमत से अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया है और जिला उपायुक्त से मांग की है कि वर्तमान में चेयरमैन और वाइस चेयरमैन को उनके पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव पर अमल करने के लिए मीटिंग बुलाई जाए। जिला पार्षद सतीश कुमार, हेमलता, आरिफा वकार, यामिन खान,अजीत सिंह, तब्बुसम, बलराम, रेखा, गायत्री, राजेश कुमार, पुष्पा, मीना,हरवंश लाल, चंद्रकांत सहित 15 जिला पार्षदों ने चेयरमैन आरती और वाइस चेयरमैन विरेंद्र सिंह के खिलाफ जिला उपायुक्त को अविश्वास प्रस्ताव पत्र दिया है।जिला परिषद चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव से एक बार फिर राजनीतिक हलचल शुरू हो गई है। जिला उपयुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ को लिखित शिकायत सौंपी दी है । जिला उपायुक्त ने मामले की जांच के बाद ही कार्यवाही की बात कही है ।







