Home Haryana यमुनानगर में नहीं यूरिया और डीएपी की कोई कमी- कृषि अधिकारी

यमुनानगर में नहीं यूरिया और डीएपी की कोई कमी- कृषि अधिकारी

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यमुनानगर, 30 नवंबर —-यमुनानगर में यूरिया और डीएपी के लिए सभी सीजन में किसान चिंतित रहते हैं। इन दिनों गेहूं और गन्ना की बुआई के लिए खाद की जरुरत होती है। ऐसे में कृषि विभाग का दावा है कि खाद के लिए पैनिक स्थिति यमुनानगर में उत्पन्न नहीं होगी।
यमुनानगर प्लाईवुड इंडस्ट्री का हब है। सैंकडों की सख्या में जिले में प्लाईवुड फैक्ट्री मौजूद हैं। प्लाईबोर्ड बनाने के लिए जिस ग्लू को काम में लाया जाता है वह यूरिया से बनाया जाता है। लेकिन वह यूरिया इंडस्ट्री के लिए अलग से उपवब्ध करवाया जाता है। क्योंकि उस पर सप्सिडी नहीं दी जाती इसलिए वह यूरिया प्रतिबैग करीब 2 हजार रुपए का मिलता है। ऐसे में फैक्टरी संचालक कृषि योग्य यूरिया जो 270 रुपए में मिलता है उसे इस्तेमाल में लाकर किसान के हिस्से का खाद डकार जाते हैं। लेकिन इस बार कृषि विभाग सख्त है। अब तक करीब 30 हजार मीट्रिक टन यूरिया आ चुका है जिसमें से 24 हजार मीट्रिक टन यूरिया स्टॉक में है। वहीं डीएपी करीब 8000 मीट्रिक टन आ चुका है जिसमें से 1500 मीट्रिक टन स्टॉक में है।
खाद को लेकर किसानों को पैनिक होने की जरूरत नहीं
 कृषि अधिकारी ने बताया कि खाद को लेकर किसानों को पैनिक होने की जरूरत नहीं है सभी व्यवस्थाएं ढंग से की गई हैं।बता दें कि हर साल रबी और खरीफ के सीजन में यूरिया को लेकर यमुनानगर में किसानों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन इस बार कृषि अधिकारी दावा कर सहे हैं कि जिले में किसानों को खाद को लेकर कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी। देखना होगा अधिकारियों के दावे कितने सही साबित हो पाएंगे।

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