पलवल, 28 अक्टूबर – दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण बढ़ने की वजह से लोगों को सांस के साथ कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।बढ़ते प्रदूषण के मामलों को लेकर जिला पलवल प्रशासन ने दर्जनों किसानों के खिलाफ धान की पराली जलाकर प्रदूषण फैलाने के मामले में केस करवाए है, लेकिन नगर परिषद के कर्मचारी प्रशासन के आदेशों को ताक पर रखकर अनाज मंडी में बने अवैध कूड़े के डंपिंग यार्ड में कूड़े में आ.ग लगा कर रहे है। आग से फैले प्रदूषण की वजह से जहरीले धुंए के कारण लोगों को सांस लेना मुश्किल हो गया। वंही,राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग डीसी को पत्र लिखकर अवैध डंपिंग यार्ड को हटवाने की निर्देश दे चुका है।
दरअसल, नेशनल हाईवे बाबरी मोड़ पर स्थित अनाज मंडी में नगर परिषद द्वारा अवैध रूप से कूड़ा डालकर डंपिंग यार्ड बना दिया । अवैध कूड़े के डंपिंग यार्ड को निजी स्कूल की प्रबंधन कमेटी ने जिला प्रशासन व राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग सहित नेशनल ग्रीन टर्मिनल( एनजीटी) डंपिंग यार्ड को हटाने की मांग की थी । शिकायत के बाद राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने डीसी पलवल को पत्र लिखकर कूड़े के डंपिंग यार्ड हटाने के निर्देश दिए थे ।वंही शनिवार की सुबह नगर परिषद के कर्मचारियों अवैध कूड़े के डंपिंग यार्ड में आ.ग लगाकर शहर की हवा में जहर घोल दिया।कूड़े कचरे के जलने के बाद उससे निकले धुआं से हवा की एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) का आंकड़ा सामान्य स्तर को पार कर गया। कचरा के जलने से जहरीली गैसे निकलती हैं, जो मानव जीवन की सांसों सहित आंख, त्वचा गहरा असर डाल रही है।हाल ही में क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण को लेकर जिला प्रशासन ने धान की पराली के जलाने के मामले दर्जनों किसानों के खिलाफ कार्यवाही कर केस दर्ज करवा दिए गए लेकिन परिषद के कर्मचारी कूड़े में आग जलाकर शासन के आदेशों को ठेंगा दिखाने में जुटे हुए हैं।







