23 अक्टूबर,कुरुक्षेत्र – जिला अस्पताल की जगह पॉली क्लीनिक में डायलिसिस की सुविधा मिल रही है। हालांकि इसके लिए रोगियों को शहर छोड़कर सेक्टर-चार तक दौड़ लगानी पड़ती है। यहां भी उनको पीपीपी (सार्वजनिक-निजी भागीदारी) के तहत सुविधा मिल रही है।डायलिसिस केंद्र स्थापित करने के लिए पहले एलएनजेपी अस्पताल को चुना गया था, मगर यहां जगह की कमी के चलते उसे पॉली क्लीनिक में स्थापित करना पड़ा। हालांकि पॉली क्लीनिक में भी केंद्र के पास पर्याप्त जगह नहीं है, जिसकी वजह से 11 की जगह सिर्फ आठ मशीनों को ही स्थापित किया गया है। यहां डायलिसिस के लिए पॉजिटिव और निगेटिव दो वार्ड बनाए गए हैं, जिसमें 11 मशीन उपलब्ध है। निगेटिव वार्ड में एक साथ आठ रोगियों को डायलिसिस दिया जा सकता है।
उधर, पॉजिटिव वार्ड एचआईवी और हेपेटाइटिस बी व सी के रोगियों को डायलिसिस के लिए बनाया गया है ताकि अन्य रोगी तक कोई संक्रमण न फैल सके। इस केंद्र में डायलिसिस के लिए कोई एचआईवी पॉजिटिव रोगी दर्ज नहीं है। हालांकि काला पीलिया के दो महिलाओं समेत तीन रोगी डायलिसिस कराने जरूर आते हैं। इस केंद्र पर डायलिसिस के लिए 45 रोगी दर्ज हैं। रोगियों को शिफ्ट के मुताबिक डायलिसिस किया जाता है। तकरीबन रोगी हर रोज 22 डायलिसिस के लिए आते हैं। महीने में करीब 450 रोगी केंद्र पर डायलिसिस की सुविधा का लाभ उठा रहे हैं।
जिला अस्पताल में नहीं थी जगह
करीब चार साल पहले 2020 में एलएनजेपी अस्पताल में डायलिसिस केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया था, मगर करीब दो साल बाद पॉली क्लीनिक में केंद्र स्थापित किया गया। इसके पीछे बड़ी वजह एलएनजेपी अस्पताल में जगह की कमी रही। हालांकि पॉली क्लीनिक में भी आठ मशीनों से काम लिया जा रहा है, क्योंकि यहां भी बेड और मशीन लगाने के लिए जगह पर्याप्त नहीं है।
18 अक्तूबर को आरंभ हुई निशुल्क सुविधा
केंद्र के प्रबंधक गौरव अरोड़ा ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद 18 अक्तूबर को केंद्र की ओर से निशुल्क डायलिसिस की सुविधा आरंभ कर दी थी। पहले सिर्फ छह वर्ग आयुष्मान कार्ड धारक, हरियाणा सरकार के कर्मी, बीपीएल, एचआईवी पॉजिटिव, सीएमओ की ओर से गरीब निर्देशित और 1.80 लाख वार्षिक आय वाले का निशुल्क सुविधा दी जा रही थी। अन्य रोगी से सरकार से निर्धारित 913 रुपये लिए जाते थे।
निशुल्क सुविधा से बच रहे 1826 रुपये : राजेंद्र सिंह,
दुख भंजन कॉलोनी के रहने वाले राजेंद्र सिंह ने बताया कि वह और उनकी पत्नी लंबे समय से केंद्र में डायलिसिस करवा रहे हैं। दोनों को बुढ़ापा पेंशन मिलती है। घोषणा से पहले डायलिसिस कराने पर उनको 913 रुपये जमा कराने पड़ते थे। दो डायलिसिस के लिए 1826 रुपये लगते थे। पेंशन से डायलिसिस करवाने पर कुछ बचता नहीं था। अब निशुल्क सुविधा से उनको लाभ मिल रहा है। मरीज ने बताया कि जो यहां का स्टाफ बहुत ही कोपरेटिव है! हमारा पूरा ध्यान रखते हैं ! बार-बार हमारा कभी BP चेक करना ,शुगर चेक करना एक प्राइवेट हॉस्पिटल की तरह यहां पर हमें पूरी सुविधा निशुल्क प्राप्त हो रही है!







