कैथल, 19 अक्टूबर – कैथल से विधायक आदित्य सुरजेवाला ने भाजपा व नायब सैनी सरकार पर किसान-मजदूर विरोधी होने का आरोप लगाया। कैथल से बयान जारी करते हुए आदित्य सुरजेवाला ने भाजपा क़ो आड़े हाथों लेते हुए कहा कि किसान द्वारा पराली जलाए जाने पर दो साल तक उसकी फसल MSP पर न खरीदना व किसान पर मुकदमा दर्ज करना भाजपा सरकार का किसान विरोधी होने का सबूत है।
आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा की भाजपा सरकार हमारे सारे किसान साथियों के जीवन को नष्ट करना चाहती है। भाजपा सरकार तीन काले कानून लेकर आई जिसके खिलाफ हमारा पूरा भारत खड़ा हुआ लेकिन अब छोटे-छोटे नियमों के साथ वे फिर काले कानूनों को वापस लाने की कोशिश कर रही है। आदित्य ने कहा कि भाजपा सरकार छोटे किसानों व खेती क़ो खत्म करना चाहती है। वो छोटे किसानों की मदद नहीं करना चाहती है। इसलिए ये तानाशाही आदेश छोटे किसानों के खिलाफ है। सुपर सीडर खरीदने के लिए हमारे साथियों के पास पैसे ही नहीं हैं। (सुपर सीडर पर)सब्सिडी 80% तक मिलनी चाहिए। मैं मानता हूं कि पराली नहीं जलनी चाहिए लेकिन सरकार को छोटे किसानों की मदद करनी चाहिए। मदद करने के बजाय ये भाजपा सरकार हम पर FIR करेगी। क्योंकि यह किसान विरोधी सरकार है।उन्होंने कहा कि नायब सैनी सरकार किसानों विरोधी ये तुगलकी आदेश वापस लें वरना आंदोलन होगा।
आदित्य सुरजेवाला ने किए भाजपा व मुख्यमंत्री नायब सैनी से सवाल
▪️पराली जलाए जाने पर किसानों पर FIR दर्ज करना कितना औचित्य है?
▪️कितने किसानों को सुपर सीडर मशीन दी गई हैं?
▪️50% सब्सिडी देने के बाद भी किसान को सुपर सीडर मशीन का ₹1,20,000 देना पड़ता है, किसान ये पैसा कैसे देगा?
▪️क्या BJP सरकार नहीं जानती कि सुपर सीडर मशीन के लिए 65 हॉर्स पॉवर से बड़े ट्रेक्टर की ज़रूरत है तो किसान इतना बड़ा ट्रेक्टर कहाँ से लाए?
▪️ क्या BJP सरकार नहीं जानती कि अगर पराली में पार्शियल (आंशिक) नमी भी है तो सुपर सीडर मशीन 15-20 मीटर के बाद रुक जाती है, तो किसान क्या करे?
▪️क्या BJP सरकार नहीं जानती कि हरियाणा-पंजाब का किसान बार बार कहता आया है कि सुपर सीडर मशीन से खेती की उत्पादकता पर असर पड़ता है? क्या सरकार ने इस पर कोई जाँच या शोध करवाया? क्या ये सही है कि पंजाब कृषि विश्वविधालय ने यह शुरू में स्वीकार किया था?







