अम्बाला,13 सितम्बर – कांग्रेस पार्टी से टिकट न मिलने के चलते नाराज हुए कांग्रेस के बागी नेताओं ने कल निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन किया तो वहीं कल देर शाम होते-होते बागी नेताओं और कार्यकर्ताओं को मनाने की कवायद शुरू हो गई.इसी के चलते कांग्रेस प्रत्याशी निर्मल सिंह कल शाम से लगातार नाराज हुए नेता और कार्यकर्ताओं को मनाने में लगे हुए हैं.इसी कड़ी में आज अंबाला शहर से कांग्रेस प्रत्याशी निर्मल सिंह, जसबीर सिंह मलौर के निवास स्थान पर उन्हें मनाने के लिए पहुंचे. वहीं जसबीर सिंह मलौर ने कहा कि मैंने फैसला कार्यकर्ताओं पर छोड़ा है. कल मीटिंग बुलाई है, कार्यकर्ता कहेंगे तो वह चुनाव लड़ेंगे.
दोनों को चुनाव नहीं लड़ना चाहिए… होगा नुकसान
अंबाला शहर से कांग्रेस पार्टी की तरफ से निर्मल सिंह चौधरी को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद कल निर्मल सिंह ने नामांकन किया और इसी दौरान कांग्रेस के कई नेता नाराज हुए,जिन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन किया.वहीं कल देर शाम से अब तक नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं को मनाने के लिए निर्मल सिंह सबके घर जाकर उनसे मुलाकात कर रहे हैं।आज सुबह-सुबह निर्मल सिंह जसवीर मालौर के घर पहुंचे और करीब 15 से 20 मिनट एक बंद कमरे में निर्मल सिंह और जसवीर मालौर के बीच बातचीत हुई. इस दौरान निर्मल सिंह ने कहा की नाराजगी इनकी वाजिब है और इस मामले को लेकर कल भूपेंद्र सिंह हुड्डा से बातचीत करेंगे लेकिन टिकट एक है और जसबीर सिंह मलौर ने नामांकन किया है और वो ये ही रिक्वेस्ट करने आये है कि दोनों को चुनाव नहीं लड़ना चाहिए इससे नुकसान होगा। निर्मल सिंह ने कहा कि वो और जसबीर मलौर आमने सामने चुनाव लड़ते रहे है और इनकी नाराजगी वाजिब है साथ ही निर्मल सिंह ने कहा कि जो नाराज है उनको मनाने की वो पूरी कोशिस करेंगे।
कार्यकर्ताओं के बगैर कोई भी निर्णय नहीं लेंगे
वहीं जसबीर सिंह मलौर ने जानकारी देते हुए बताया कि चौधरी निर्मल सिंह उनके निवास स्थान पर उनसे बातचीत करने पहुंचे थे और उनके साथ हुई बातचीत में यही निकल कर आया है कि जो उनके कार्यकर्ता है उनकी कल सुबह मीटिंग बुलाई गई है और कार्यकर्ता कहेंगे तो वो हर हाल में चुनाव लड़ेंगे. अगर कार्यकर्ताओं ने कुछ और कहा तो वह उस तरीके से निर्णय लेंगे। क्योंकि उनके साथ ज्यादती हुई है उनका टिकट कटा है और इसको लेकर वह कार्यकर्ताओं के बगैर कोई भी निर्णय नहीं लेंगे। जसवीर सिंह मलौर ने कहा कि उनके 35 वर्ष के राजनीतिक कैरियर में जो लोग उनके साथ है वह सही फैसला लेंगे.







