सोनीपत, 3 सितंबर : हरियाणा के पैरा खिलाड़ियों का दबदबा पेरिस पैरा ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर पेरिस की धरती पर देश का मान सम्मान बढ़ाया है. और सोनीपत के गांव खेवड़ा के रहने वाले सुमित ने जवेलिन थ्रो के एफ 64 इवेंट में देश के लिए गोल्ड मेडल जीता है और सुमित अंतिल ने यह कारनामा लगातार दूसरे ओलंपिक में किया है. सुमित अब ऐसे पहले भारतीय बन गए है, जिन्होंने लगातार दूसरे पैरा ओलंपिक खेलों में गोल्ड मेडल जीतने में कामयाबी हासिल की है, इस रिपोर्ट में देखिए सुमित के संघर्ष की कहानी।
गांव और परिवार में जश्न का माहौल
सोनीपत के गांव खेवड़ा का रहने वाल एक युवक जिसका नाम सुमित अंतिल है, जब वह 12th क्लास में पढ़ रहा था तो साल 2016 में वह अपने ट्यूशन क्लास खत्म करके घर वापिस लौट रहा था, तब एक अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी थी, जिसके बाद डॉक्टरों ने उसके एक पैर को काटना पड़ा, लेकिन जब तक सुमित एक अच्छा पहलवान बनने की और अग्रसर था.इस हादसे ने उसके सपनो को चकना चूर कर दिया,लेकिन जैसे ही वह इस हादसे से उभरा और उसने पैरा गेम्स की और अपना रुख किया और अब पिछले टोक्यो ओलंपिक में भी सुमित ने जेवलिन थ्रो के एफ 64 इवेंट में गोल्ड मेडल जीता और कल भी पेरिस पैरा ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर देश का मान सम्मान बढ़ाया और विदेशी धरती पर भारत का राष्ट्र गान की गूंज सुनने को मिली और तिरंगा झंडा फहराया गया.सुमित अंतिल की मां निर्मला देवी ने बताया कि बेटे की उपलब्धि पर पूरे गांव में खुशी का माहौल है.बेटा जब घर से गया था तो यह कहकर गया था कि मां गोल्ड मेडल लेकर वापिस लौटना है और उसने यह करके दिखा दिया.उन्होंने बताया कि सुमित को चाय बहुत पसंद है और वह भारतीय खाने का बड़ा शौकीन हैं।







