सिरसा 10 अगस्त : पिछले वर्ष लगातार 42 दिन तक हड़ताल पर रहे लिपिक वर्गीय कर्मचारी एक बार फिर सरकार की बार बार वादाखिलाफी से नाराज होकर सोमवार 12 अगस्त से 14 अगस्त तक संपूर्ण हड़ताल पर रहेंगे. यदि समाधान नहीं होता है तो हड़ताल आगे भी जारी रह सकती है।
सरकार की बार बार वादाखिलाफी से बढ़ा रोष
क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसाइटी हरियाणा के राज्य महासचिव सतीश ढाका ने बताया कि लंबे समय से सम्मानजनक वेतनमान की मांग कर रहे सभी लिपिक वर्गीय कर्मचारियों को अब तक सिर्फ निराशा ही मिली है। राज्य कार्यकारिणी ने 28 जुलाई को पंचकुला इक्कठे होकर प्रदेश स्तर पर मुख्यमंत्री आवास घेराव करने का आह्वान किया था, परंतु शाम 27 जुलाई को मुख्य प्रधान सचिव टू सीएम हरियाणा राजेश खुल्लर से मिले ठोस आश्वासन के बाद मुख्यमंत्री आवास घेराव के प्रोगाम को स्थगित कर दिया गया था। राजेश खुल्लर ने कहा था कि लिपिक वर्गीय कर्मचारियों की मांग को 05 अगस्त तक सरकार समाधान निकाल पूरा करने का काम करेगी। उन्होंने क्लेरिकल एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल से 28 जुलाई मुख्यमंत्री आवास घेराव को स्थगित करने अनुरोध किया था और कहा था कि फिर भी यदि सरकार 05 अगस्त तक मांग पूरी नहीं करती है तो लिपिक वर्ग अपने विरोध प्रदर्शन आदि करने में पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगा। परन्तु इस ठोस आश्वासन के बाद भी लिपिक वर्ग को सिर्फ और सिर्फ निराशा ही मिली है। अब लिपिक वर्गीय कर्मचारियों ने ठान लिया है कि जब तक वित्त्त विभाग से सम्मानजनक वेतनमान को लेकर नोटिफिकेशन जारी नहीं होता है, तब तक सरकार का हर तरह से विरोध किया जाएगा।
कैबिनेट बैठक में भी मांग पर कोई चर्चा नहीं
जिला प्रधान साहिल बागड़ी ने कहा कि सभी विभागों, बोर्डों, नगर निकायों और विश्वविद्यालयों के लिपिकीय कर्मचारी हड़ताल में शामिल होने को पूरी तरह से तैयार हैए जिला टीम ने लघु सचिवालय में स्थित सभी कार्यालयों व पीडब्ल्यूडी विभाग, सिंचाई विभाग, स्वास्थ्य विभाग, हुड्डा विभाग, आईटीआई और शिक्षा विभाग, नगर निगम आदि विभागों में हड़ताल में शामिल होने का न्यौता दिया गया है, जिसमें सभी विभागों के कर्मचारियों ने संपूर्ण रूप से हड़ताल में शामिल होने का पूरा आश्वासन दिया है और अपने अपने कार्यालय अध्यक्ष को हड़ताल पर जाने का नोटिस भी दे दिया है। इसके अलावा उपायुक्त कार्यालय के सभी कर्मचारी भी पिछले वर्ष की भांति संपूर्ण हड़ताल पर रहेंगे। कृष्ण कुमार ने कहा कि सरकार ने हाल में और पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न वर्ग के कर्मचारियों के वेतनमान में बढ़ोतरी कि है परंतु सभी विभागों की रीढ़ की हड्डी कहे जाने वाला लिपिक वर्ग कर्मचारी वर्षों से सडक़ पर संघर्ष कर रहा है और अब सोमवार 12 अगस्त को हड़ताल पर जाने को मजबूर हैं, जिसके लिए पूरी तरह से सरकार जिम्मेदार है यदि सरकार हमारी मांगो पर समय रहते पूरा कर देती है तो हम आम दिनों की भांति अपनी ड्यूटी करते हुए जन मानस के काम करते अब यदि विभागों और आम जन मानस के काम रुकेंगे तो उसके लिए संपूर्ण रूप से सरकार जिम्मेदार होगी।







