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राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध कटों को प्रभाव से बंद करने के परिवहन मंत्री ने दिए निर्देश,दुर्घटनाओं पर लगेगी रोक

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चंडीगढ़(TSN):  राष्ट्रीय राजमार्ग-44 को जीरो टोलरेंस जोन बनाया जाए। इन मार्गों पर सभी अवैध कटों को तुरंत प्रभाव से बंद किया जाएगा ताकि दुर्घटनाओं पर काबू पाया जा सके। राष्ट्रीय राजमार्गों पर जिन ढाबों और पेट्रोल पंपों के सामने अवैध कट बनाए गए हैं उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने के निर्देश गुरुवार को चंडीगढ़ में आयोजित राज्य सडक़ सुरक्षा परिषद की बैठक में परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने अधिकारियों को दिए।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं में कमी लाना हैं। दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों पर अधिक से अधिक पैट्रोलिंग वाहन सुनिश्चित किए जाए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना संभावित बिन्दुओं, स्पीड ब्रैकर, साईन बोर्ड, रोड़ मार्किग, कैटआईज और ब्लैक स्पॉट इत्यादि बिदुओं पर कार्य तुरंत पूरे किए जाए। साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि गत माह जिन स्थानों पर सड़क दुर्घटना की वजह से लोगों की जान गई है, वहां बिना नए टेंडर जारी किए, पिछले जारी किए गए टेंडर के आधार पर शीघ्र साईन बोर्ड, रोड़ मार्किंग और ब्लैक स्पॉट इत्यादि बिदुओं पर तुरंत कार्य पूरा किया जाए।
परिवहन मंत्री ने कहा कि वर्तमान में धुंध का समय है, ऐसे में सडक़ों पर सुरक्षा के दृष्टिगत प्राथमिकता से कार्य करते हुए सड़कों पर मार्किंग और ट्रैक्टर ट्राली, परिवहन की बसों के साथ-साथ स्कूल बसों आदि वाहनों पर रिफ्लेक्टर और रिफ्लेक्टिव टेप संबंधित विभाग तत्काल लगाएं। इसके अतिरिक्त, सड़कों पर घूमने वाले लावारिस पशुओं और गायों के सींगों पर भी रिफ्लेक्टिव टेप जल्द से जल्द लगाएं ताकि लावारिस पशुओं के कारण होने वाले हादसों पर अंकुश लग सके।उन्होंने कहा की सडक़ दुर्घ+नाओं को कम करना हमारा दायित्व भी है। साथ ही उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सडक़ किनारों पर पेड़ों की कटाई समय पर करवाई जाए ताकि इन पेडों के पीछे पशु न छुप पाए और कोई दुर्घटना न घटे। उन्होंने आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों को  नई आबकारी नीति में श+राब के ठेकों की लोकेशन जानने के लिए जीपीएस के माध्यम से कॉर्डिनेट करने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि परिवहन मंत्रालय, भारत सरकार, द्वारा जारी एकीकृत सडक़ दुर्घ+टना डेटाबेस (ईडीएआर) परियोजना सभी राज्यों के लिए शुरू की गई है और इसे हरियाणा में भी लागू किया जा चुका है, जिसमें इस परियोजना के लिए परिवहन विभाग को नोड़ल विभाग नियुक्त किया गया है और इसमें परिवहन के अलावा पुलिस, स्वास्थ्य, एन.एच.ए.आई, पी.डब्लयू.डी., एच.एस.आई.डी.सी, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और स्थानीय निकाय विभागों को शामिल किया गया है, जिसमें संबंधित विभागों के नोडल अधिकारियों द्वारा राज्य और जिला स्तर पर इस सडक़ सुरक्षा परियोजना पर कार्य किया जा रहा है। इस पोर्टल पर सभी विभागों अपनी रिपोर्ट डाली जाती है।
उन्होंने सभी 22 जिलों में 11 से 17 जनवरी तक राष्ट्रीय सडक़ सुरक्षा सप्ताह मनाने को कहा है ताकि लापरवाह ड्राइविंग के परिणामों के बारे में जनता को बताया जा सके। इसके अतिरिक्त, इसे स्कूलों, सामुदायिक केंद्रों और कार्यस्थलों में प्रस्तुतियां ओर कार्यशालाएं आयोजित कर सडक़ सुरक्षा नियमों के बारे ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक किया जा सके। मंत्री ने कहा कि इन सभी विभागों नामत: शहरी स्थानीय निकाय, विकास एवं पंचायत, स्वास्थ्य, लोक निर्माण (भवन एवं सडकें), शिक्षा, परिवहन , वन, आबकारी  एवं कराधान, पुलिस,मार्केटिंग बोर्ड, एचएसआईआईडीसी,  हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को 15 जनवरी, 2024 तक अपने सडक़ सुरक्षा से संबंधित कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आगमी मार्च माह में होने वाली सडक़ सुरक्षा परिषद की बैठक में पूरी तैयारी के साथ आने को कहा।

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