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करनाल के गांव महमल में करवाए गए दस्तार और गुरबानीं कंठ मुक़ाबले… विजेताओं को दिए गए नक़द इनाम

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करनाल : चन्द्रिका ( TSN)– गुरु गोबिंद सिंह जी की माता गुजर कौर व उनके चार साहिबज़ादों बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा फ़तह सिंह व बाबा ज़ोरावर सिंह जी के शहीदी दिवस के अवसर पर आज करनाल के गाँव महमल में बच्चों व नौजवानों के दस्तार, जपजी साहेब कंठ व शुद्ध उच्चारण और ग़ुरबानी से सवाल जवाब के मुक़ाबले करवाये गए व सभी विजेताओं को नक़द इनाम व मेमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
करनाल ज़िला के पश्चिमी कोने में बसे इस छोटे से गाँव में पंचायत व गाँव वासियों द्वारा आयोजित की गई इन प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिताओं शामिल होने के लिए भारी उत्साह नज़र आया। हरियाणा के अलग अलग जिलों से बच्चों व नौजवानों ने भारी संख्या में शिरकत की। गांव की पंचायत और विदेश में रह रहे महमल के नौजवानों, नौजवान सभा मेहमल व अन्य संस्थाओं के सहयोग से शहादत ऐ सफर को याद किया गया और शहीद की शहादत को को कुछ इस तरह से याद किया और बच्चो को सिखी की तरफ जाने का संदेश दिया ।
आयोजन में भाग लेने वाले  जज ने बताया कि इस शहीदी सप्ताह में गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहिबज़ादों की महान शहादत को याद करते हुए सिख क़ौम की भावी पीढ़ी को क़ौम के महान इतिहास व गुरु सिद्धांत से जोड़ने के लिए यह प्रयास पहली बार किया गया और इसको मिले समर्थन से हम सभी अभिभूत हैं।
 इन प्रतियोगिताओं  में 100 से ज्यादा बच्चो ने भाग लिया और लगभग एक लाख रुपये के नगद इनाम दिए गए हैं ताकि बच्चों का उत्साह बड़े। वास्तव में सिख क़ौम को अपनी भावी पीढ़ी का उड़ा व जूड़ा सम्भालने के लिए उन्हें दस्तार, माँ बोली पंजाबी, गुरुमुखी लिपि, गुरुबानी व सिख इतिहास से जोड़ने के लिए आगे आना होगा। आज  मेहमल में जो सफल आयोजन किया गया है वह गाँव गाँव और शहर शहर में सिख संस्थाओं को करना चाहिए।

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