यमुनानगर(TSN): वाहनों की ओवरलोडिंग ओर इस से होने वाले हादसों को रोकने के लिए यमुनानगर का आरटीए विभाग कड़ी कार्रवाई कर रहा हैं। हरियाणा का यमुनानगर एक ऐसा जिला है जहां बाकी जिलों के मुकाबले ट्रकों की संख्या सड़कों पर चलने वाले वाहनों में सबसे ज्यादा है। यही वजह है कि आरटीए विभाग ओवरलोड वाहनों के हर महीने करोड़ों रुपए के चालान काट रहा है।
यमुनानगर जिलों में सड़क पर चलने वाले ट्रकों की संख्या बाकी जिलों के मुकाबले शायद ज्यादा है। इसकी सबसे बड़ी वजह यमुनानगर जिले में माइनिंग है, क्योंकि भारी संख्या में ट्रकों में रेत, बजरी और कोरसेंट भरकर न सिर्फ हरियाणा के अलग-अलग जिलों में जाता है बल्कि दूसरे राज्य तक यहां से सप्लाई होता है। इसी की वजह से रीजनल ट्रांसपोर्ट विभाग की चांदी हो रही है।
आरटीए विभाग हर महीने ओवरलोडेड वाहनों के करोड़ों रुपए के चालान काट रहा है। पिछले महीने यमुनानगर आरटीए विभाग ने एक करोड रुपए से ज्यादा के चालान काटे हैं और अभी महीने के सिर्फ 12 दिन ही गुजरे हैं। इन 12 दिनों के भीतर विभाग ने 70 लाख रुपए से ज्यादा ओवरलोडेड वाहनों के चालान काटकर उनके हाथ में थमा दिए हैं। आरटीए विभाग की अधिकारी हैरतजीत ने कहा कि ओवरलोडेड वाहनों से ना सिर्फ हादसों में इजाफा होता है बल्कि सड़के भी टूटती है, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है। हम रोजाना लोडेड वाहनों के चालान काट रहे हैं। नवंबर महीने में एक करोड़ 5 लाख के चालान काटे हैं जबकि अभी तक करीब 70 लख रुपए के चालान काटे जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि 22 टायर ट्रक में 40 टन क्षमता का ही वज़न डाल सकते हैं इससे ज्यादा होने पर वो ओवरलोडे माना जाता है।







