करनाल(TSN): किसान खेतों में कैमिकल फर्टिलाइजर का उपयोग न करें इसके लिए सरकार किसानों के खेतों में नैनो यूरिया का स्प्रे करवाएगी। नैनो यूरिया से पर्यावरण सुरक्षा होगी और खेत की उर्वरक क्षमता बढ़ेगी, किसान को आर्थिक रूप से बचत होगी।प्रदेश सरकार किसानों को आधी से कम कीमत पर नैनो यूरिया खाद देगी जिसका स्प्रे भी ड्रोन से होगा। रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल कम करने के लिए प्रदेश सरकार ने ये योजना शुरू की है। कृषि विभाग ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर प्रदेश में एक लाख भूमि पर नैनो यूरिया छिड़काव का लक्ष्य रखा है।
स्कीम के तहत बाजार में 220 रुपए कीमत पर मिलने वाला नैनो यूरिया किसानों को 100 रुपए में मिल सकेगा। इतना ही नहीं किसान के खेत में ड्रोन व अन्य माध्यम से छिड़काव का प्रबंध सरकार करेगी। कृषि विभाग के निर्देश ने सभी जिला उपनिदेशकों को अपने-अपने जिले में नैनो यूरिया छिड़काव के लिए टारगेट दिए हैं ताकि खेती-बाड़ी में दानेदार खाद का इस्तेमाल कम किया जा सके ।
उपनिदेशक कृषि विभाग वजीर सिंह ने बताया कि रासायनिक उर्वरकों के ज्यादा प्रयोग से मिट्टी की उर्वरकता में गिरावट आती है फसल व सब्जियों में इसका प्रभाव आता है। नाइट्रोजन युक्त उर्वरक मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को कम करते हैं । ये फॉस्फेट और पोटेशियम पोषक तत्वों के संतुलन को बिगाड़ देते हैं । उन्होंने बताया कि नैनो यूरिया इस्तेमाल किसानों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद है। एक एकड़ में यूरिया खाद स्प्रे करने में 625 रुपए खर्च होता है जबकि दानेदार यूरिया पर किसान को प्रति एकड़ करीब 3000 रुपए खर्च होते है। सरकार किसान से सिर्फ 100 रुपए लेगी जिससे किसान को आर्थिक रूप से फायदा होगा । वही दानेदार यूरिया खेत में डालने से सिर्फ 25 फीसदी फायदा फसल को मिलता जबकि नैनो यूरिया छिड़काव से फसल को 90 प्रतिशत खाद मिलता है ।







