कुरुक्षेत्र : गुरदीप गुजराल ( TSN)- अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती पर कलाकार व शिल्पकारों का महाकुंभ लगा है, यहां पर देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे शिल्पकार व कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं।कश्मीर से पहुंचे जावेद यहां शॉल की विभिन्न वरायटी लेकर पिछले कई सालों से यहां पहुंच रहे है।जिसकी कीमत 1 लाख 25 हजार रुपए की है ।
ये सभी हैंडमेड बनी शॉल
जावेद नवी ने कहा कि ये सभी हैंडमेड बनी शॉल है जिन्हे लेकर वह गीता जयंती पर पहुंचे हैं और उनके पास सबसे महंगी शॉल 1 लाख 25 हजार रुपए की है ।इस शॉल को बनाने में करीब 1 साल का समय लगता है । उन्होंने कहा कि जितने रुपए में एप्पल का फोन खरीदते हो उतनी ही एक पश्मीना की कीमत है। पश्मीना के अलावा भी वह कई प्रकार की शॉल लेकर यहां पर पहुंचे हैं और यह सभी शॉल हैंडमेड है । उन्होंने पशमीना की पहचान करने के लिए दो पशमीना शॉल को एक साथ एक रिंग से निकलकर दिखाया, यह पशमीना लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।







