हरियाणा : चन्द्रिका ( TSN)-लम्बे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे पीजीटी संस्कृत अध्यापकों के लिए खुशी की खबर है। हरियाणा शिक्षा विभाग ने 395 अध्यापकों की पदोन्नति के आदेश जारी कर दिए है। वर्ष 2007 से पदोन्नति का इंतजार कर रहे अध्यापकों के लिए ये राहत की बात है ।
शिक्षा मंत्री का संस्कृत अध्यापको ने जताया आभार
सरकार के इस फैंसले के बाद हरियाणा राज्य संस्कृत अध्यापक संघ के पदाधिकारी और संस्कृत अध्यापक स्कूल शिक्षा मंत्री कंवर पाल के आवास पर पहुंचकर उनका आभार व्यक्त किया ।संघ के राज्य प्रधान राम प्रसाद कौशिक के नेतृत्व में पूरे प्रदेश से आये संघ के पदाधिकारियों और संस्कृत अध्यापकों ने शिक्षा मंत्री कंवर पाल को पगड़ी बांध कर स्मृति चिह्न देकर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर स्कूल शिक्षामंत्री कंवर पाल ने कहा कि लंबे समय से यह मांग थी। पदोन्नति के इस विषय को लेकर इनका प्रतिनिधि मंडल मुझे मिला था और इन्हें आशवस्त किया गया था । उन्होंने कहा कि संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है, जिसमें हमारे वेद, उपनिषद व अन्य धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान निहित है। राज्य सरकार का सदैव यह प्रयास रहेगा कि यह ज्ञान लोगों तक पहुंचे। संस्कृत भाषा को और अधिक बढ़ावा मिलना चाहिए, जिसके लिए सरकार प्रयासरत है ।संस्कृत पूरे तरीके से एक वैज्ञानिक भाषा है पूरी दुनिया ने इस बात को स्वीकार किया है । आने वाले समय में संस्कृत का बहुत उज्जवल भविष्य है और यह दुनिया की भाषा बनेगी।
17 वर्षों से चल रहा वनवास हुआ खत्म
वहीं हरियाणा राज्य संस्कृत अध्यापक संघ के राज्य प्रधान प्रसाद कौशिक ने कहा स्कूल शिक्षा मंत्री कंवरपाल के प्रयासों और इनकी कलम से संस्कृत अध्यापकों के हित में यह ऐतिहासिक फैंसला हुआ है।इस फैंसले के बाद हमारा 17 वर्षों से चल रहा वनवास खत्म हुआ है। उन्होंने कहा कि यह मांग बहुत लंबे समय से अटकी हुई थी, जिसे मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री ने गंभीरता से लिया और एक ऐतिहासिक फैंसला लेकर हमें बहुत बड़ी सौगात दी है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने इस विषय को कभी भी गंभीरता से नहीं लिया, न ही कभी विषय को आगे बढ़ाने का प्रयास किया।







