करनाल : चन्द्रिका ( TSN)- करनाल के सरकारी स्कूल बदहाल है और हमारे देश का भविष्य खुले आसमान के नीचे शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर । ये हाल करनाल के मॉडल टाउन स्थित सरकारी स्कूल का है, जिसे अपग्रेड करके शिक्षा विभाग ने मॉडल संस्कृति स्कूल बनाया था ।
सीबीएसई की मान्यता मिलने से स्कूल में इंफ्रा स्ट्रक्चर में सुधार और छात्रों के लिए बेहतर सुविधाएं मिलने के दावे भी किए गए । मॉडल संस्कृति स्कूल बनने के बावजूद सरकारी विद्यालय के हालातो में सुधार नहीं हुआ । स्कूल में कमरों की कमी के कारण कक्षाएं बरामदों, खुले ग्राउंड और पेड़ो के नीचे लग रही है । छात्रों के लिए स्कूल में पर्याप्त संख्या में शौचालय भी नहीं है । इस बारे में स्कूल के प्रिंसिपल सुनील कुमार ने बताया कि स्कूल में छात्रों की संख्या 1300 से अधिक है जबकि कक्षाओं के लिए कमरे सिर्फ पंद्रह है । ऐसे में मजबूरन कमरों में क्षमता से अधिक छात्रों को बिठाया जाता है । बरामदों और मैदान में भी क्लास लगती है । पुराने कमरे तोड़े गए थे जिसके बाद नए कमरे बनाने के अप्रूवल भी दी गई लेकिन दस महीने बीतने के बाद भी निर्माण शुरू नही हुआ । छात्र संख्या के अनुसार कमरों की कमी के कारण स्कूल मॉर्निंग और इवनिंग शिफ्ट में लगता है । स्कूल में छात्रों को पढ़ाने में दिक्कत होती है और शिक्षा का स्तर प्रभावित हो रहा है ।







