रोहतक (अंकुर कपूर): 1997 में रोहतक बम धमाकों के मामले में अदालत ने मुख्य आरोपी आतंकी अब्दुल करीम टुंडा को बरी कर दिया है। मीडिया सूत्रों के मुताबिक ओल्ड सब्जी मंडी और किला रोड लाल मस्जिद के बाहर 1997 में बम धमाके हुए थे। बता दें कि शुक्रवार शाम को मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस टुंडा को अपराधी साबित नहीं कर पाई। आतंकी अब्दुल करीम टुंडा फिलहाल राजस्थान की अजमेर सेंट्रल जेल में बंद है।
1997 पानीपत में हुए बम ब्लास्ट में टुंडा पहले ही बरी हो चुका है, जबकि 1996 में धमाकों में टुंडा को उम्र कैद की सजा सुनाई जा चुकी है। इस मामले में 70 व 71 एफआईआर दर्ज की गई थी। 70वीं एफआईआर में कुल 42 गवाह थे। जिसमें केस के दौरान 34 गवाह कोर्ट के सामने पेश हुए। वहीं 71वीं एफआईआर में कुल 38 गवाह थे। जिसमें से 18 कोर्ट के सामने पेश हुए।
2013 में नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार हुए अब्दुल करीम टुंडा को रोहतक पुलिस ने दिल्ली पुलिस से प्रोडक्शन वारंट पर लिया था और तभी से अदालत में इस मामले में सुनवाई चल रही थी। अब्दुल करीम टुंडा फिलहाल राजस्थान की अजमेर सेंट्रल जेल में बंद है। इसके अलावा सोनीपत शहर में 28 दिसंबर 1996 को दो स्थानों पर बम ब्लास्ट हुए थे। उस दिन शाम 5:15 बजे पहला धमाका बस स्टैंड के पास बावा सिनेमा हॉल में हुआ था।







