पलवल ( TSN)- पलवल के गांव सिहौल स्थित धानुका एग्रीटेक रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी सेंटर में किसान कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ पूर्व मंत्री सुभाष कत्याल और बागवानी विभाग हरियाणा के पूर्व निदेशक एवं डीएआरटी के सलाहकार डा.बी.एस सहरावत ने किया।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री सुभाष कत्याल ने कहा कि धानुका एग्रीटेक रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी सेंटर द्वारा किसानों को कृषि की उन्नत तकनीकों के बारे में अवगत कराया जा रहा है। किसान आधुनिक तकनीक से खेती करें और आर्थिक रूप से मजबूत बनें। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार व हरियाणा सरकार द्वारा किसानों के हित में अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं बनाई है। उन्होंने कहा कि किसान फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करें। धान की फसल के अवशेषों को न जलाऐं। फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है और भूमि में मौजूद मित्र कीट मर जाते है। जिसकी वजह से भूमि की उपजाऊ शक्ति नष्ट हो जाती है। सरकार द्वारा पराली प्रबंधन के लिए कृषि यंत्र सब्सिडी पर उपलब्ध करवायें गए है। उन्होंने कहा कि देश का अन्नदाता खुशहाल होगा तो हमारा देश भी तरक्की करेगा। किसानों को आगे बढ़ाने की दिशा में सरकार ठोस कदम उठा रही है। वहीं धानुका एग्रीटेक रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी सेंटर द्वारा भी सार्थक प्रयास किए जा रहे है।
कृषि वैज्ञानिक हैसर सैनी ने कहा कि किसानों को खादों और कीटनाशकों के बारे में जानकारी दी गई है। किसान आधुनिक तरीके से खेती करें और फसल की मांग के अनुरूप ही रासायनिक खादों को प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि फसलों में आने वाली बीमारियों की रोकथाम उचित समय पर की जाए तो फसल का उत्पादन में भी बढ़ोतरी होती है। इस अवसर पर डा.डी.एस.पाठक, डा.जितेंद्र कुमार,दीपक वर्मा,विश्वास वैभव, हैसर सैनी, डॉ.वीरेंद्र कुमार, डॉ. लोकेंद्र कुमार, राजेश कुमार एवं सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद थे।







