अंबाला (एकता): त्योहारी सीजन के शुरू होने से पहले ही हरियाणा में संस्थागत शहरी विकास की दिशा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने एक ओर बड़ा कदम उठाया। बता दें कि चंडीगढ़ में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए 14 जिलों में 303 कॉलोनियों को तत्काल प्रभाव से नियमित करने की बड़ी घोषणा की है। इन कॉलोनियों में बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए 3000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। शहरी विकास के क्षेत्र में यह फैसला मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने कहा कि इन कॉलोनियों में 2,90,540 संपत्तियां बनी हुई हैं। इससे 10 लाख से अधिक आबादी लाभान्वित होगी। इस अवसर पर शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ कमल गुप्ता उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में कुल 404 ऐसी नियमित की गई कॉलोनियों में सीवर लाइन, जलापूर्ति, सड़कें, स्ट्रीट लाइट, पार्क और अन्य विकास कार्यों विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने ऐसी अनियमित कॉलोनियों की पोर्टल पर जानकारी मांगी थी, उनमें से 1507 कॉलोनी अभी शेष हैं। इनमें 936 शहरी स्थानीय निकाय की हैं और 571 कंट्रोल्ड एरिया में हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा संकल्प हैं कि 31 जनवरी, 2024 तक इन कॉलोनियों को भी नियमित कर दिया जाएगा। इस संबंध में जिला स्तर पर उपायुक्त एवं जिला नगर आयुक्त की अध्यक्षता में गठित टीम अधिसूचना की प्रगति की निगरानी करेगी।
उन्होंने कहा कि अनियमित कॉलोनियों में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) नहीं थी, इसलिए सरकार ने निर्णय लिया है कि उस कॉलोनी के 5 लोग कॉलोनी के नियमितीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। कॉलोनी के नियमित होने के बाद उस आरडब्ल्यूए को रजिस्टर करवा लेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार के 10 वर्षों के कार्यकाल में केवल 874 कालोनियों को नियमित किया गया था। जबकि हमारी सरकार ने वर्ष 2014 से लेकर अब तक कुल 1438 कॉलोनियों को नियमित किया है।
प्रदेश के नागरिकों पर एकमुश्त विकास शुल्क का बोझ नहीं डाला जाएगा। इसमें राहत देते हुए सरकार ने विकास शुल्क की अदायती को भवन नक्शा, बिक्री अथवा खरीद की मंजूरी आदि से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कि अनधिकृत कालोनियों में सेल डीड पर खरीद बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। लेकिन सरकार ने इसमें रियायत देते हुए 1 जुलाई 2022 से पहले की सेल डीड को मान्यता दे दी है। जिन लोगों ने अपनी सेल डीड या एग्रीमेंट टू सेल को पंजीकृत करा रखा था, उन्हें बेचा हुआ माना जाएगा।







