चंडीगढ़ (एकता): मुश्किलों से भागना आसान होता है हर पहलू ज़िंदगी का इम्तिहान होता है, डरने वालों को कुछ नहीं मिलता, ज़िंदगी में लड़ने वालों के कदमों में जहां होता है। कुछ लोग समाज में इपनी अलग पहचान बनाते हैं। ऐसी ही एक मिसाल चंडीगढ़ के आशीष ठाकुर ने पेश की है। बता दें कि 3 साल पहले एक सड़क हा#दसे में आशीष ने अपनी एक टांग गंवा दी। एक ही पल में उनकी जिंदगी मानो पूरी तरह से रूक गई हो।

खुशी की बात यह है कि उसने हिम्मत नहीं हारी। वह स्पेशली चैलेंज कैटेगरी में बॉडी बिल्डिंग में गोल्ड मेडल जीतकर कई लोगों के लिए मिसाल बने। सभी दोस्त, रिश्तेदारों ने उसे हमदर्दी से देखना शुरू कर दिया। आशीष को डिप्रेशन की वजह से मानसिक परेशानी और बढ़नी शुरू हो गई थी। लेकिन उसके माता-पिता ने उसका साथ दिया और उसे संभाला। लेकिन एक दोस्त के कहने पर एक बार फिर से सीरियस होकर उसने बॉडी-बिल्डिंग की तरफ काम करना शुरू किया। शुरुआती समय में खूब दिक्कत और परेशानियां आई।

मंजिल को पाने के लिए लगातार 6 से 7 घंटे तक किया वर्कआउट
आशीष ने सबको गलत साबित करने के लिए अपने इरादे मजबूत किए। लगभग जिम के अंदर 6 से 7 घंटे लगातार वर्कआउट किया। उसका सपना है कि वह आगे मुंबई में होने वाली प्रतियोगिता में भी इससे और बेहतर प्रदर्शन करें।







