हरियाणा (एकता): वैसे तो भारत में कई सारे मंदिर हैं। लेकिन हर धार्मिक स्थलों का अपना रहस्य और इतिहास है। कई चमत्कारी मंदिर भी होते हैं जो सबसे अलग होते हैं। ऐसा ही एक मंदिर पश्चिम बंगाल में स्थित है। यहां एक काली माता का इकलौता ऐसा अनूठा मंदिर है।

इस मंदिर की खासियत ये है कि हिन्दू धर्म के लोगों के साथ-साथ चायनीज लोग भी पूजा करते हैं। इसलिए इस जगह को चाइना टाउन भी कहते हैं। यहां पर काफी सारे चायनीज परिवार रहते हैं। यहां की एक खासियत और है। मंदिर में दर्शन करने आने वाले भक्तों को प्रसाद में नूडल्स और चॉप्सी मिलती है। यह मंदिर कोलकाता से 12 किलोमीटर दूर टांग्रा शहर में पड़ता है।

काली माता मंदिर को लेकर खास मान्यता
मान्यता है कि यह मंदिर कोई साधारण नहीं है बल्कि एक चमत्कारी है। यहां कई लोगों के दुख-दर्द दूर हुए हैं। कई लोगों का कहना है कि करीब 50-60 साल पहले इस मंदिर में एक पेड़ के नीचे दो काले पत्थरों पर सिंदूर लगाकर लोग उन्हें देवी मानकर पूजा करते थे। एक बार चीनी दंपति का बच्चा बीमार पड़ जाता है और जब उसको इलाज नहीं मिलता तो वह पेड़ के नीचे बैठ जाता है और काली मां उनके बच्चे को ठीक कर देती है। उस दिन से लोगों की इस मंदिर के प्रति गहरी आस्था है। लोगों ने इस मंदिर में काली मां की मूर्ति स्थापित की। तब से भक्त यहां पूरे विधि-विधान से पूजा करते हैं। खास बात यह है कि आज भी यहां दो काले पत्थर मौजूद हैं। लोग इसको अभी भी पूजते हैं।

नूडल्स का मिलता है प्रसाद
आपको तो पता होगा कि काफी मंदिरों में भक्तों को प्रसाद में लड्डू, पेड़े, फल मिलते हैं लेकिन यहां चायनीज मिलता है। यहां प्रसाद के तौर पर भक्तों को नूडल्स, चॉप्सी और सब्जियों से बने व्यंजन दिए जाते हैं।








