हरियाणा (एकता): हमारे देश में वैसे तो कई धार्मिक गुरुद्वारे हैं, उनका अपना ही खास इतिहास है। लोग इन गुरुद्वारों के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से आते हैं। इन धार्मिक स्थलों में कई गहरे राज छिपे हुए हैं। ऐसा ही एक गुरुद्वारा बंगला साहिब देश के बड़े धार्मिक स्थलों में से एक हैं। मीडिया सूत्रों के अनुसार इसको राजधानी का सबसे बड़ा पर्यटक स्थल भी कहा जाता है।

बता दें कि इस गुरुद्वारे का निर्माण 1783 में सिख जनरल सरदार भगेल सिंह ने किया था। यहां हर रोज श्रद्धालु दर्शनों के लिए दूर-दूर से नतमस्तक होते हैं। जानकारी के मुताबिक यहां कोई भी बिना प्रसाद के घर नहीं जाता और उनको हर रोज लंगर भी मिलता है। ये गुरुद्धारा 24 घंटे खुला रहता है। काफी लोग इसे सिखों का मंदिर ही समझते है।

कहा जाता है कि इस बंगले में सिखों के 8वें गुरू हर कृष्ण रहते थे। उस साल लोगों में चेचक और हैजा की महामारी फैली हुई थी। तब बंगले के एक कुएं से गुरु ने ताजे पानी से सबका इलाज किया था। लेकिन बाद में गुरु इस बीमारी से बीमार हो गए और उनकी मौत हो गई। उनकी मौत के बाद राजा जय सिंह ने कुएं के ऊपर एक छोटा सा तालाब बनवाया। माना जाता है कि इस तालाब में स्नान करने से हर किसी के रोग दूर हो जाते हैं।

दुनिया में जगह-जगह से सिख यहां आते हैं और तालाब से ‘अमृत’ के तौर पर पानी लेकर घर ले जाते हैं। इस बंगला साहिब का हॉल इतना बड़ा है कि इसमें एक साथ 800-900 लोग बैठकर लंगर खा सकते हैं। इस गुरुद्धारे की किचन 365 दिन खुली रहती हैं। मरीजों को यहां मुफ्त में भर्ती किया जाता है। दिल्ली के बाहर से आने वाले लोगों के लिए इस गुरुद्वारे के कमरों में ठहरने की व्यवस्था भी होती है।








